֍:तकनीक का किया जाएगा प्रदर्शन§ֆ:विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. रविन्द्र सिंह ग्रेवाल ने बताया कि पशु पालन मेले में विश्वविद्यालय अपनी तकनीक का प्रदर्शन करेगा और प्रदर्शनी और वैज्ञानिकों के साथ किसानों की बातचीत के माध्यम से ज्ञान प्रदान करेगा. दोनों दिन वैज्ञानिक पशुधन, मछली और मुर्गी पालन के विभिन्न पहलुओं पर तकनीकी व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसान अपने-अपने स्थानों पर उपयुक्त सर्वोत्तम प्रथाओं को अपना सकें. §֍:किसान पूछ सकेंगे सवालों के जवाब§ֆ:सभी दिनों में किसानों के लिए सवाल-जवाब सत्र भी आयोजित किए जाएंगे. मेले में विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट पशुओं जैसे गाय, भैंस, बकरी, सुअर और मुर्गी का प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि किसानों को विश्वविद्यालय से बेहतर जर्मप्लाज्म का चयन करके बेहतर पशुधन का प्रजनन करने के लिए प्रेरित किया जा सके. पशुधन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन से संबंधित विश्वविद्यालय का साहित्य और पशुपालन के लिए अभ्यास पैकेज और पत्रिका ‘वैज्ञानिक पशु पालन’ भी किसानों के लिए उपलब्ध रहेगी. §गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना 21 और 22 मार्च को दो दिवसीय पशु पालन मेला आयोजित करने जा रहा है. इस मेले में शामिल होने के लिए किसानों में भारी उत्साह है. मेले को लेकर जानकारी देते हुए कुलपति डॉ. जतिंदर पॉल सिंह गिल ने कहा कि यह मेला अन्य राज्यों के किसानों को भी आकर्षित कर रहा है. इसमें आसपास के राज्यों के विभिन्न लाइन और विकास विभाग और अन्य हितधारक भी भाग ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि बेहतर नस्लों के साथ हम सकारात्मक तरीके से उपज में सुधार कर सकते हैं.
मेले का नारा भी इसी उद्देश्य पर आधारित है, ‘नसल सुधार है, पशु पालन कित्ते दी जान, वधेरे उत्पादन बनाए किसान की शान.’ राज्य में वैज्ञानिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विश्वविद्यालय मेले में भैंस, मछली, सूअर और बकरी श्रेणियों में चार सर्वश्रेष्ठ किसानों को ‘मुख्यमंत्री पुरस्कार’ भी दे रहा है.

