भारत के केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 26 मई 2025 को ब्राजीलिया (ब्राजील) में आयोजित 10वें ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों के सम्मेलन (10th BRICS Culture Ministers’ Meeting) में भाग लिया। इस ऐतिहासिक बैठक में वैश्विक दक्षिण के सहयोग को और मजबूत बनाने तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और साझा पहचानों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। बैठक के अंत में एक विस्तृत घोषणापत्र को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।
सांस्कृतिक सहयोग के लिए मंच
ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक सांस्कृतिक आदान-प्रदान, परस्पर समझ, और सहयोगी पहलों को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। भारत ने घोषणा पत्र के जरिए यह स्पष्ट कर दिया कि वह सांस्कृतिक कूटनीति, विरासत संरक्षण और जन-जन के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने बैठक के दौरान ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के संस्कृति मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं, जिनमें पारस्परिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।
संस्कृति और जलवायु परिवर्तन में समन्वय
भारत ने संस्कृति को जलवायु अनुकूलन रणनीतियों का हिस्सा बनाने पर बल दिया। इसमें पारंपरिक ज्ञान, स्वदेशी तकनीकों और शिल्पकला को आधुनिक समाधानों में समाहित कर टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई गई।
भारत के “Mission LiFE – Lifestyle for Environment” अभियान को सम्मेलन में विशेष रूप से रेखांकित किया गया, जिसमें भारतीय परंपराओं और जीवनशैली की सतत प्रकृति को वैश्विक बदलाव का आधार बनाने की बात कही गई।
घोषणापत्र की प्रमुख बातें:
- सांस्कृतिक और रचनात्मक अर्थव्यवस्था – सांस्कृतिक उद्योगों को बढ़ावा देने, कलाकारों और रचनात्मक पेशेवरों को उचित पारिश्रमिक दिलाने तथा सांस्कृतिक ढांचे को विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई गई।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कॉपीराइट संरक्षण – डिजिटल दुनिया में रचनाकारों के अधिकारों की रक्षा, बहुभाषी डिजिटल वातावरण का समर्थन और सांस्कृतिक विविधता की रक्षा पर जोर।
- जलवायु परिवर्तन और संस्कृति – सांस्कृतिक विरासत को जलवायु जोखिमों से बचाने के लिए पारंपरिक ज्ञान के सहारे स्थायी रणनीतियों के निर्माण की आवश्यकता को स्वीकार किया गया।
- सांस्कृतिक संपदा की वापसी – सांस्कृतिक वस्तुओं की उनके मूल देशों में वापसी को ऐतिहासिक न्याय, सामाजिक समरसता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।
- ब्रिक्स सांस्कृतिक उत्सव और गठबंधन – ब्रिक्स फिल्म फेस्टिवल, ब्रिक्स लोकनृत्य महोत्सव, पुस्तकालय और संग्रहालयों के गठबंधन जैसे सांस्कृतिक आयोजनों को और अधिक सक्रिय बनाने की योजना।
भारत का दृष्टिकोण
भारत पहले से ही ब्रिक्स देशों के साथ द्विपक्षीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के माध्यम से संग्रहालय, थिएटर, साहित्य, पुस्तकालय और कलाओं के क्षेत्र में सहयोग करता रहा है। इस सम्मेलन में भारत ने डिजिटल तकनीकों, संस्कृति और जलवायु, और वैश्विक दक्षिण के दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय शासन व्यवस्था में एकीकृत करने की बात रखी।
ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की यह बैठक ब्राजील की अध्यक्षता में आयोजित हुई और इसमें इंडोनेशिया को नए सदस्य के रूप में शामिल किए जाने का स्वागत किया गया। भारत ने नए सदस्यों से 2015 में हस्ताक्षरित सांस्कृतिक सहयोग समझौते में शामिल होने का भी आग्रह किया।

