֍:पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी BJP §ֆ:सूत्रों की मानें तो भाजपा और अकाली दल के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद था, इस कारण दोनों दलों के बीच गठबंधन पर बात नहीं बन सकी. अकाली दल ने 9 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखा था और शेष चार सीटें भाजपा को देने की पेशकश की थी. हालांकि, भाजपा ने पीएम मोदी की व्यापक लोकप्रियता को दर्शाते हुए बड़ी हिस्सेदारी मांगी थी.
बता दें कि शिअद ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के हिस्से के रूप में पंजाब में 2019 का लोकसभा चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़ा था. लेकिन दोनों दल बहुत खास परिणाम हासिल करने में असमर्थ रहे थे. कांग्रेस ने 13 में से 8 सीटें जीती थीं. भाजपा के खाते गुरुदासपुर और होशियारपुर सीटें गई थीं. अकाली दल ने फिरोजपुर और बठिंडा सीटें जीती थीं. आम आदमी पार्टी ने संगरूर सीट पर जीत हासिल की थी.
§֍:तीन कृषि कानूनों को लेकर BJP का हुआ था विरोध §ֆ:शिरोमणि अकाली दल ने केंद्र द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में सितंबर 2020 में भाजपा के साथ अपना नाता तोड़ लिया था. किसानों के व्यापक विरोध के बाद मोदी सरकार ने तीनों कानून वापस ले लिए थे. सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब की जवानी, किसानी, व्यारपारी, मजदूरों और सबके भविष्य के लिए भाजपा ने राज्य में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में पंजाब में जो काम हुए हैं, वो किसी और ने नहीं किए.
§भारतीय जनता पार्टी ने ऐलान किया है कि वह आगामी लोकसभा चुनावों में पंजाब में अकेले उतरेगी. शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन को लेकर उसकी बात नहीं बनी है. इस बारे में पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से जानकारी दी. जाखड़ ने कहा कि यह फैसला राज्य में लोगों, पार्टी कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर लिया गया है. पंजाब की 13 लोकसभा सीटों के लिए 1 जून को मतदान होगा.

