֍:पूर्व सीएम ने कही ये बात§ֆ:झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य रखा है. इसमें अभी तक सभी जिलों में धान क्रय केंद्र नहीं खोले गए हैं. अफसरशाही इतनी हावी है कि वित्त मंत्री अपने क्षेत्र से धान क्रय केंद्र का बिना उद्घाटन किए ही बैरंग वापस लौटने को मजबूर हैं. §֍:लक्ष्य से बहुत पीछे खरीद§ֆ:बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार लक्ष्य के मुकाबले 15 प्रतिशत धान भी नहीं खरीद सकी है. राज्य सरकार इसमें भी धान में नमी की मात्रा बताकर प्रति क्विंटल 10 से 15 किलो की कटौती कर रही है. उदासीनता के कारण किसान दलाल और बिचौलियों के चंगुल में आने को मजबूर हैं.§֍:”1800 रुपये में बेच रहे फसल”§ֆ:मरांडी ने कहा किसान अपनी मेहनत से उगाई हुई फसल को 1800 से 1900 रुपये प्रति क्विंटल के दाम में बेच रहे हैं. वहीं, बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ के दलाल, बिचौलिए धान खरीद के लिए बाइक से गांव- गांव घूम रहे है. वे सीधे ट्रक लेकर गांव तक पहुंचकर किसानों से कम कीमत पर धान खरीद रहे हैं. §झारखंड के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर धा खरीदी को लेकर हमला बोला है. इसमें उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों के सुखाड़ के बाद राज्य में इस साल धान की अच्छी फसल हुई है. किसानों को राज्य सरकार से अपनी मेहनत का अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद थी. चुनाव से पहले 3200 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीद करने का आश्वासन दिया था, लेकिन राज्य सरकार अपने वादे से पलट गई.

