֍:ऐसे मिलेगी सब्सिडी§ֆ:भारत में चाय के शौकीन हर दूसरे घर में देखने को मिल जाएंगे. इसलिए चाय की डिमांड मार्केट में 12 महीने बनी रहती है. इसकी खेती करने से खेती में तो लाभ होगा ही साथ ही कई लोगों को राजगार के अवसर मिलेंगे. बता दें कि बिहार में चाय की खेती के लिए लगभग 25 हजार हेक्टेयर का रकबा है. जो कि मुख्य रूप से अररिया, सिपौल, पूर्णिया और कटिहर जिलों में है.§֍:लाखों देगी सरकार§ֆ:राज्य सरकार की इस स्कीम से किसानों को खेती में 50 फीसदी सब्सिडी मुहैया कराई जाएगी. यानि एक हेक्टेयर में चाय की खेती से सरकार आपको 2 लाख 47 हजार रुपये की मदद कर रही है. ऐसे में किसानों को काफी फायदा मिलने वाला है. साथ ही कई किसान जिनके खेत खाली हैं, उन्हें इस खेती से लाभ मिल सकेगा.§֍:§भारत में कृषि क्षेत्र को लेकर केंद्र और राज्य सरकार कोई न कोई योजना लॉन्च करती रहती है. इससे किसानों को खेती के लिए बढ़ावा मिलता है. इसी के चलते बिहार की राज्य सरकार द्वारा चाय की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. राज्य की सरकार किसानों को चाय की खेती पर 50 फीसदी सब्सिडी दे रही है. बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही विशेष ‘उद्यानिकी फसल योजना’ से किसानों को चाय की खेती में लाभ मिल रहा है.

