֍:कितनी होगी सब्सिडी?§ֆ:बिहार सरकार की ‘चाय विकास योजना’ के अंतर्गत बिहार उद्यानिकी विभाग द्वारा चाय की खेती के लिए किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है. जिसमें उद्यानिकी विभाग द्वारा चाय का खेती करने के लिए प्रति हेक्टेयर लागत 4 लाख 94 हजार रुपये की इकाई लागत तय की है. ऐसे में किसानों को लागत की 50 प्रतिशत सब्सिडी यानी 2 लाख 47 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दिया जा रहा है. इस योजना के तहत 150 हेक्टेयर में चाय की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है.§֍:सरकार की ओर से रखी गई ये शर्तें§ֆ:बिहार सरकार ने चाय की खेती को बढ़ावा देने के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं. इसमें जिन किसानों ने पिछले साल के सीजन में चाय के नये पौधों की रोपाई की है, उन्हें ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा. इस योजना के तहत दूसरी किस्त का पैसा तभी मिलेगा, जब 2024-25 तक चाय के नव-रोपित पौधों में से करीब 90 प्रतिशत पौधे जीवित रहेंगे. इस योजना के तहत लाभार्थी किसान का चुनाव जिले के निर्धारित लक्ष्य के आधार पर होगा.§֍:ऐसे करें आवेदन§ֆ:इच्छुक किसानों को ‘चाय विकास योजना’ में ऑनलाइन माध्य से आवेदन करना होगा. जिसके लिए बिहार उद्यानिकी विभाग के पोर्टल horticulture.bihar.gov.in के लिंक पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए नजदीकी जिले के सहायक निदेशक, उद्यान से भी संपर्क कर सकते हैं. इस योजना के लाभार्थी किसानों को डीबीटी के माध्यम से अनुदान की राशि भेजी जाएगी, इसलिए किसानों को पहले डीबीटी रजिस्ट्रेशन कराना होगा.§भारत में चाय की खेती मुख्य रूप से असम, गुवहाटी, दार्जिलिंग और जम्मू-कश्मीर में किया जाता है. इसी के चलते अब बिहार भी चाय की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है. इसके लिए राज्य सरकार ने एक योजना की शुरुआत की है, जिसमें बिहार के किसानों की आय को दोगुना करने के लिए सरकार उद्यानिकी और व्यापारिक फसलों की खेती को बढ़ावा मिलेगा. वहीं, “चाय विकास योजना” के तहत सरकार चाय के क्षेत्र का विस्तार करने और ज्यादा से ज्यादा किसानों को चाय की खेती से जोड़ने के लिए बंपर फीसदी सब्सिडी दे रही है.

