֍:सरकार की बड़ी पहल §ֆ:सहकारिता मंत्रालय के अनुसार किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सीधे उनसे अरहर और मसूर दाल की खरीद की जाएगी. बफर स्टॉक के लिए सहकारी समितियों NAFED और NCCF ई-समृद्धि पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों से 6 लाख टन दाल की खरीद कर रही हैं. इसमें 4 लाख टन अरहर की दाल खरीदी जाएगी और 2 लाख टन मसूर की दाल खरीदी जाएगी. सरकार बाजार में दाल आपूर्ति बनाए रखे के लिए बफर स्टॉक के लिए किसानों से दाल खरीद कर रही है. जबकि, सालाना खपत पूरी करने के सरकार दालों का आयात भी करती है.
§֍:8 हजार टन अरहर खरीद की गई §ֆ:रिपोर्ट के अनुसार अरहर दाल की खरीद जनवरी महीने में किसानों से शुरू की जा चुकी है, जबकि मसूर दाल की खरीद मार्च में शुरू की गई है. अब तक नेफेड और एनसीसीएफ ने 8 हजार टन अरहर दाल की खरीद कर ली है. दोनों दालों की खरीद प्रक्रिया जारी है. बता दें कि इस रबी सीजन के लिए दालों की सरकारी खरीद 1 महीने पहले ही शुरू कर दी गई है. आमतौर पर अप्रैल में शुरू होने वाली सरकारी खरीद मार्च में और जनवरी में ही शुरू कर दी गई है.
§֍:बफर मूल्य पर दाल खरीद चल रही §ֆ:किसानों से खरीदी जाने वाली दाल की कीमत खरीद न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य (Minimum Assured Purchase Price) या बफर खरीद मूल्य के हिसाब से मिलेगी. सरकार ने 2023-24 में अरहर यानी तूर दाल की खरीद का मूल्य 7000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो बीते 2022-23 सीजन की तुलना में 400 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है. वहीं, मसूर दाल पर सरकार एमएसपी रेट रबी मार्केटिंग सीजन 2023-24 के लिए 6,425 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. 2022-23 में एमसपी रेट में 6000 रुपये प्रति क्विंटल था.
§केंद्र सरकार ई-समृद्धि पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों से सीधे दाल खरीदने का निर्णय लिया है. सहकारिता मंत्रालय के अनुसार बफर स्टॉक के लिए किसानों से 6 लाख टन दाल की खरीद की जाएगी. खरीद प्रक्रिया को सहकारी समिति NAFED और NCCF के जरिए पूरा किया जाएगा. बफर खरीद मूल्य पर दाल की सरकारी खरीद की प्रक्रिया जनवरी से चल रही है.

