बिहार सरकार द्वारा किसानों के हित में एक और बड़ी पहल की जा रही है। राज्य में पांच नई कृषि उपज मंडियां अगस्त 2025 तक बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएंगी। इससे किसानों को अपनी फसलें बेचने के लिए बेहतर और व्यवस्थित प्लेटफॉर्म मिलेगा, साथ ही उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य भी मिल सकेगा।
इन जिलों में बन रही हैं मंडियां
राज्य कृषि विपणन विभाग के अनुसार ये मंडियां पटना, दरभंगा, गया, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया जिलों में स्थापित की जा रही हैं। प्रत्येक मंडी को आधुनिक ढांचे और सुविधाओं से लैस किया जा रहा है ताकि किसानों और व्यापारियों दोनों को लाभ मिल सके।
मंडी परिसरों में मिलेंगी ये सुविधाएं
नई मंडियों में निम्नलिखित प्रमुख सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
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इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें
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फसल भंडारण के लिए गोदाम
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किसान विश्रामगृह
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शुद्ध पेयजल और शौचालय की व्यवस्था
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ऑनलाइन बोली प्रणाली
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मंडी शुल्क में पारदर्शिता
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फसल की त्वरित गुणवत्ता जांच
राज्य सरकार का लक्ष्य
कृषि मंत्री ने बताया कि इन मंडियों के निर्माण से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि उन्हें बिचौलियों से भी मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा डिजिटल तकनीकों के उपयोग से पूरे क्रय-विक्रय प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाएगी।
क्या बोले किसान नेता
किसान संगठनों ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यदि यह योजना समय पर पूरी हो जाती है, तो बिहार के कृषि परिदृश्य में यह एक क्रांतिकारी बदलाव साबित हो सकता है।

