दिल्ली सरकार जल्द ही राजधानी में एक नई एक्साइज नीति लाने की तैयारी कर रही है। इस संबंध में सरकार ने एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ अधिकारी रेखा गुप्ता करेंगी। यह नीति राज्य में शराब और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री, वितरण और कराधान से जुड़े नियमों में बदलाव ला सकती है।
समिति का गठन और उद्देश्य
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, नई एक्साइज नीति को तैयार करने के लिए गठित इस समिति में वित्त, व्यापार और कानून विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं। समिति का मुख्य उद्देश्य राजस्व बढ़ाने, काले धन की रोकथाम करने और एक्साइज नियमों को पारदर्शी बनाने के लिए सुझाव देना है।
क्या बदलाव हो सकते हैं?
सूत्रों के मुताबिक, नई नीति में निम्न बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है:
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शराब की खुदरा और थोक बिक्री पर नए नियम।
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एक्साइज ड्यूटी और लाइसेंसिंग प्रक्रिया में सुधार।
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अवैध शराब व्यापार पर अंकुश लगाने के उपाय।
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डिजिटल पेमेंट और ट्रैकिंग सिस्टम को बढ़ावा।
पिछली नीतियों से अलग?
दिल्ली में पहले भी एक्साइज नीति को लेकर विवाद हो चुके हैं, खासकर 2021-22 में निजी दुकानों के लाइसेंस रद्द करने के बाद। नई नीति में सरकार इन मुद्दों को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित दृष्टिकोण अपना सकती है।
आगे की राह
समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसके बाद मंत्रिमंडल से मंजूरी के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा। यदि यह नीति लागू होती है, तो दिल्ली में शराब व्यापार और कर संग्रहण में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

