किसानों के कल्याण की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) की 20वीं किस्त जारी की। इस अवसर पर भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान (IISS), भोपाल में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, वैज्ञानिक और अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा मामले एवं सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग ने भाग लिया। उनके साथ सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी और संस्थान प्रबंधन समिति के सदस्य श्री नीतिराज पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश के किसानों को संबोधित करते हुए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इस किस्त के तहत 9.7 करोड़ किसानों के बैंक खातों में ₹20,500 करोड़ की राशि सीधे भेजी गई है। वर्ष 2019 से अब तक कुल ₹3.69 लाख करोड़ से अधिक की राशि 19 किश्तों के माध्यम से वितरित की जा चुकी है।
IISS के निदेशक डॉ. मनोरंजन मोहंती ने स्वागत भाषण में संस्थान की विभिन्न गतिविधियों और सतत मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन में उसकी भूमिका को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण, फसल सुधार और जैविक खेती के लिए प्रेरित किया।
इस मौके पर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत किसानों को वर्मीबेड वितरित किए गए, जिससे जैविक अपशिष्ट के पुनः उपयोग को बढ़ावा मिला। साथ ही, मृदा परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर विकसित मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी वितरित किए गए, ताकि किसान अपने खेतों में आवश्यकतानुसार ही उर्वरक एवं अन्य आदानों का प्रयोग कर सकें।
यह कार्यक्रम किसानों के लिए जानकारी और संसाधनों के आदान-प्रदान का एक उत्कृष्ट मंच बना, जिसमें 120 से अधिक किसानों सहित कुल 300 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस आयोजन ने सरकार के “नवाचार, समावेशन और निवेश” आधारित कृषि परिवर्तन के दृष्टिकोण को और मज़बूती दी।

