ֆ:बताते चले कि विजयनगरम मार्केट से अब यह बदनाम गली के नाम से प्रसिद्ध हो गई है इस जगह पर जैसे ही लोग पेट्रोल पंप के बगल से घुसते है वैसे दो चार लोग कमरे से लेकर सब कुछ उपलब्ध कराने के लिए पीछे पड़ जाते है,आगे गली में बढ़ते ही महिलाएं व युवतियां आपके गले पड़ जाएगी। थोड़ा और आगे बढ़ने पर एक पुस्तक की दुकान के सामने सीढ़ियों पर बियर व दारू के साथ कुछ लोग लुढकते नजर आ जायेंगे।
सवाल यह है कि क्या स्थानीय थाना व चौकी को दिन के उजाले में हो रहे इस शर्मनाक कार्य पर नजर नही पड़ती या कमाई के चक्कर मे जिम्मेदार आंखे बंद किए हुए है। थाना की क्राइम टीम जब बेखबर है तो फिर सारा सुरक्षा तंत्र बेकार है। इस क्षेत्र में सादे वेश में उच्चाधिकारियों को मौका मुआयना करके सच्चाई पता लगानी चाहिए। हालांकि इससे पहले उपनिरीक्षक बृजेश सिंह जब रोडवेज चौकी पर बतौर चौकी इंचार्ज तैनात थे तब उन्होंने कई बार सादे वेश में पुलिसकर्मियों को भेज छापा मारकर तमाम युवतियों और ग्राहकों को पकड़ा था। उसके बाद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। वैसे इस संवेदनशील क्षेत्र में ऑपरेशन दृष्टि भी कारगर नही है क्योंकि कही भी सीसीटीवी कैमरा नही लगा है।
§वाराणसी शहर को जहाँ एक तरफ स्मार्ट सिटी बनाने में प्रशासनिक व राजनैतिक अमला जी जान लगा हुआ है,वही खुलेआम कैंट स्टेशन के सामने पेट्रोल पंप के बगल में बीयर,शराब के साथ शबाब भी दिन हो या रात हर समय उपलब्ध रहता है जो बाहर से आए हुए सैलानी व यात्रियों के मन मे वाराणसी के प्रति गलत धारणा बैठा रहा है।

