֍:उपज में कमी आने की आशंका§ֆ:नई दिल्ली में स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र लाठर ने कहा कि फसलों के गिरने से उपज में कमी आ सकती है. जिन किसानों ने पोटाश (25 किलोग्राम प्रति एकड़) डाला है, वे फसल गिरने से बच गए हैं. उन्होंने प्रभावित किसानों को सुझाव दिया कि वे अंकुरित होने और सड़ने से बचने के लिए गिरती हुई फसल की निगरानी करते रहें, ताकि आगे और नुकसान से बचा जा सके. §֍:पंजाब की फसलों में आई धीमी गति§ֆ:हरियाणा और पंजाब में राइस मिलर्स की हड़ताल के बावजूद खाद्य और आपूर्ति विभाग, हरियाणा द्वारा धान खरीद के लिए किए गए पुख्ता इंतजाम रंग ला रहे हैं. हरियाणा ने पंजाब से 12 गुना अधिक धान की MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर सरकारी खरीद कर किसानों को बड़ी राहत देने का काम किया है. इस बार ऑनलाइन गेट पास की सुविधा मिलने से किसानों को अपनी फसल बेचने में काफी सुविधा हुई है. हरियाणा में जहां 1,18,763 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है. वहीं, पंजाब में केवल 9,433 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है.§हरियाणा के करनाल में किसानों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसी के चलते रविवार को बारिश और आंधी आ गई. कटाई के लिए तैयार खेतों में खड़ी फसलें गिर गई हैं. इससे किसानों को उपज प्रभावित होने का भय सता रहा है. ऐसे में मंडियों में उपज की उचित कीमत नहीं मिलेगी.

