ֆ:इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें कृषि क्षेत्र में सरकारी समर्थन का पूरा लाभ दिलाना था। कार्यक्रम में पंचकूला, करनाल और अन्य संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हुए।§֍:विभिन्न विभागों की सहभागिता§ֆ:इन संगोष्ठियों में कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, एनडीआरआई करनाल, एनबीजेआर करनाल, भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने विषयों पर जानकारी दी।
गांव कोट के कार्यक्रम में डॉ. राजेश लाठर, डॉ. गजेंद्र सिंह, डॉ. नितिन त्यागी, डॉ. श्रेष्ठा, डॉ. मनीषा, डॉ. ईशानी और नीलम एफओ ने विभिन्न तकनीकों, योजनाओं और किसानों के लिए उपलब्ध संसाधनों के बारे में विस्तार से बताया।
वहीं बरवाला कार्यक्रम में डॉ. गुरनाम सिंह, डॉ. वंदना खंडेलवाल, डॉ. अनिल मिश्रा, डॉ. राम प्रसाद, डॉ. रामबीर ठाकन, डॉ. अनुज गोदारा और डॉ. राजन खोरा ने भाग लिया।
§֍:राज्य स्तरीय योजनाओं पर चर्चा§ֆ:पिंजौर के उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. बलबीर सिंह भान, विषय विशेषज्ञ डॉ. जयप्रकाश शर्मा और भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. राहुल बड़कोदिया ने हरियाणा सरकार की किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न स्कीमों जैसे फसल बीमा, सूक्ष्म सिंचाई, जैविक खेती और कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के बारे में जानकारी दी।§֍:12 जून तक चलेंगे कार्यक्रम§ֆ:इस मौके पर उप कृषि निदेशक डॉ. सुरेंद्र यादव ने बताया कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत देशभर के हर जिले में 12 जून 2025 तक इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य किसानों को एक ही स्थान पर सभी विभागों की जानकारी उपलब्ध कराना है।§֍:बड़ी संख्या में किसान शामिल§ֆ:बरवाला, कोट, खंगेसरा, अलीपुर, बीड़ बाबरपुर, कामी और अन्य गांवों से 400 से अधिक किसानों ने इन कार्यक्रमों में भाग लेकर लाभ उठाया। किसानों ने विशेषज्ञों से व्यक्तिगत सवाल पूछे और योजनाओं के प्रति जागरूकता दिखाई।
ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के स्तर को ऊपर उठाने और किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह अभियान किसानों के लिए एक सशक्त भविष्य की नींव रख रहा है।
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‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के अंतर्गत बरवाला और गांव कोट के सामुदायिक केंद्रों में विशेष किसान जागरूकता संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में कृषि से जुड़े विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों और अधिकारियों ने किसानों को सरकारी योजनाओं, आधुनिक तकनीकों और खेती से जुड़ी नवीन जानकारियों से अवगत कराया।

