ֆ:एशिया डॉन बायो-केयर कंपनी ऑर्गेनिक इनपुट को बनती है जिसका उपयोग प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, नैसर्गिक खेती ,सजीव खेती, विष रहित खेती में उपयोग किया जाता है।
स्टाफ प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान श्री महाप्रबंधक प्रदीप कुमार सिंह जी ने कंपनी के उत्पादों के बारे में बताते हुए कहा कि लाइओफिलाइज़ेशन टेक्नोलॉजी से उत्पाद तैयार किए जाते हैं। एशियाडॉन बायो-केयर के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद, खाद बनाने, बीज उपचारित करने, जैव उर्वरक, जैव कीट एवं रोग नियंत्रण में सफल भूमिका निभाते हैं। जिनसे इन उत्पादों की सेल्फ लाइफ अधिक होती है। किसान उत्पाद को अपने घर में सामान्य तापक्रम पर 2 वर्षों के भीतर कभी भी उपयोग कर सकता है।
कंपनी गत 8 वर्षों से किसानों के सेवा में है। जो कंपनी के श्लोगन प्रकृति पुनर्स्थापन हेतु नवाचार को चरितार्थ करता है।
प्रधानमंत्री का आह्वान है 2047 तक भारत आत्मनिर्भर बने। जब आत्मनिर्भर कृषि होगी तभी भारत आत्मनिर्भर होगा क्योंकि भारत एक कृषि प्रधान देश है आत्मनिर्भर कृषि कम लागत में अच्छा प्राकृतिक / विष मुक्त उत्पादन बिना किसी भी प्रकार के प्रदूषण के प्राप्त करने में कंपनी द्वारा उत्पादित ऑर्गेनिक इनपुट की बड़ी भूमिका है।
सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि गांव में कार्यशाला का आयोजन करेंगे। किसानों के खेत पर स्वयं जाकर के विभिन्न प्रकार के प्रदर्शन देंगे। जागरूकता फैलाएंगे और सुरक्षित उत्पादन के लिए कंपनी द्वारा उत्पादित सभी उत्पाद को सुगमता किसान को उपलब्ध कराएंगे क्योंकि जैविक उत्पादन में अच्छे इनपुट की उपलब्धता एक चैलेंज का विषय है, जिसका समाधान एशियाडॉन बायो-केयर के पास है।
§एशियाडॉन बायो-केयर ने 7 मई 2025 को दीघा, पश्चिमी बंगाल के रिलुक होटल में स्टाफ प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। इस स्टाफ प्रशिक्षण कार्यशाला में पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम, मेघालय राज्य के १८ स्टाफ ने भाग लिया।

