अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के. टी. परनाइक ने कहा है कि किसानों की आमदनी तभी बढ़ सकती है जब उन्हें बाजार तक सीधी पहुंच मिले। उन्होंने राज्य में सहकारी समितियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना वक्त की मांग है।
राज्यपाल ने यह बातें अरुणाचल प्रदेश राज्य सहकारी संघ (APSCU) के अध्यक्ष नाबम ताही नेकील के साथ राजभवन में हुई बैठक के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि राज्य के कृषि और बागवानी क्षेत्र, विशेष रूप से जल्दी खराब होने वाली फसलों में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन बाजार से जुड़ाव और संरचना की कमी इन संभावनाओं को पूरी तरह फलने-फूलने नहीं दे रही है।
कोल्ड स्टोरेज और गोदामों की आवश्यकता
राज्यपाल ने सुझाव दिया कि फसल बर्बादी रोकने और उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए राज्य में कोल्ड स्टोरेज और गोदामों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य भी मिल सकेगा।
हवाई अड्डों से निर्यात को बढ़ावा
उन्होंने होलोंगी और तेजू एयरपोर्ट्स को राज्य के कृषि उत्पादों के निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव दिया। इसके ज़रिए न केवल देश के अन्य हिस्सों बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक भी अरुणाचल के उत्पाद पहुंच सकेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा।
सशक्त सहकारिता की ओर कदम
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सशक्त सहकारिता” विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि गांवों में मजबूत सहकारी ढांचे का निर्माण जरूरी है, ताकि साझा स्वामित्व और लाभ के आधार पर एक आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था तैयार की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सहकारी आंदोलन को जन-भागीदारी और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
राज्य सरकार से सहयोग का आश्वासन
राज्यपाल ने APSCU के प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि वह इन विषयों को राज्य सरकार के समक्ष रखेंगे ताकि इन पर ठोस नीतियां बनाई जा सकें।
इस मौके पर APSCU अध्यक्ष ने हाल ही में संपन्न 27वें जिला सहकारी दौरे की रिपोर्ट भी राज्यपाल को सौंपी, जिसमें राज्य भर में सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और सामने आईं चुनौतियों का विवरण दिया गया।

