Amarnath Yatra 2025: कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच अमरनाथ यात्रा 2025 के लिए पहला जत्था बुधवार सुबह जम्मू से रवाना हो गया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने यात्रियों को झंडी दिखाकर रवाना किया।
38 दिवसीय यह यात्रा आधिकारिक रूप से गुरुवार से शुरू होगी, जो पहलगाम और बालटाल मार्गों से होकर पवित्र अमरनाथ गुफा तक जाएगी।
नो-फ्लाई जोन घोषित, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद सरकार ने यात्रा मार्ग को ‘नो-फ्लाई जोन’ घोषित कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां अब तक हमलावरों का पता नहीं लगा पाई हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर इस बार सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।
करीब 600 अतिरिक्त कंपनियों की अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है, जो अमरनाथ यात्रा के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती मानी जा रही है।
पंजीकरण में आई गिरावट, सरकार ने किए राहत के इंतजाम
हालिया आतंकी घटनाओं का असर यात्रा पंजीकरण पर भी पड़ा है। हालांकि प्रशासन अधिक तीर्थयात्रियों को आकर्षित करने के लिए प्रयासरत है। यात्रियों के लिए जम्मू से बालटाल और पहलगाम तक मुफ्त बस सेवा, आधार शिविरों पर स्वास्थ्य और ठहराव की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
आस्था और सुरक्षा की परीक्षा
अमरनाथ यात्रा हमेशा से आस्था और श्रद्धा का प्रतीक रही है, लेकिन इस बार यह यात्रा सुरक्षा की कड़ी परीक्षा बन गई है। तमाम चुनौतियों के बावजूद सरकार और सुरक्षाबल तीर्थयात्रियों को हरसंभव सुविधा और सुरक्षा देने के लिए तैयार हैं।

