पांच साल पुराने उस हादसे में, गैटविक हवाईअड्डे से उड़ान भरते ही दोनों इंजन अचानक फेल हो गए थे। टेक-ऑफ के महज 11 मिनट के भीतर पायलट को विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। उस समय जांच में पाया गया कि इंजन फेल होने का कारण ईंधन प्रणाली में आई गड़बड़ी थी।
अब इसी पुरानी घटना की तर्ज पर अहमदाबाद में हुई दुर्घटना की जांच की जा रही है। इस हादसे में प्राथमिक जांच में सामने आया है कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद विमान में बिजली आपूर्ति से संबंधित बड़ी तकनीकी खामी आई थी, जिसे पावर फेल्योर माना जा रहा है।
यह हादसा अहमदाबाद के मेघानीनगर क्षेत्र में हुआ था, जहां विमान उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भयावह घटना में 242 यात्रियों में से केवल एक व्यक्ति की ही जान बच सकी। कई शव इतनी बुरी तरह झुलस गए कि उनकी शिनाख्त डीएनए परीक्षण के जरिए करनी पड़ी।
फिलहाल, यूके की एयर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (AAIB) इस हादसे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दोनों हादसों के बीच कोई तकनीकी समानता है। जांच एजेंसियों का ध्यान अब इस ओर है कि क्या यह किसी बड़े सिस्टमिक फेल्योर का हिस्सा हो सकता है।

