֍:शिवराज सिंह ने की अहम योजनाओं पर चर्चा §ֆ:बैठक में दीनदयाय अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन पर चर्चा हुई, चौहान ने कहा कि लखपति दीदीयों की आजीविका एक आंदोलनकारी रूप है. महिला किसानों की संख्या में आशाजनक प्रगति हुई है, महिला किसानों की संख्या बढ़कर करीब साढ़े चार करोड़ हो गई है. §֍:’पहाड़ी क्षेत्रों में स्प्रिंगशेड बनाएं’§ֆ:शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के वाटरशेड विकास घटक (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई) के तहत जलग्रहण विकास परियोजनाओं को जनांदोलन की तरह चलाया जाना चाहिए. आम जनता, जनप्रतिनिधियों, गैर सरकारी संगठनों, कॉरपोरेट्स सहित सभी हितधारकों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाए. बैठक में स्प्रिंगशेड विकास पर भी चर्चा हुई, जिसे लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में स्प्रिंगशेड विकास करें, ताकि आबादी को कम पानी उपलब्धता वाले महीनों में पानी उपलब्ध कराया जा सके. §֍:महिलाओं को पशुपालन से जोड़ने पर जोर §ֆ:शिवराज सिंह ने दूध उत्पादन की मांग में वृद्धि के मद्देनजर आने वाली समय में महिलाओं को पशुपालन से जोड़ने पर भी जोर देते हुए कहा कि कृषि और पशुपालन पूरक है, महिलाओं को इसके दोहरे लाभ के बारे में बताते हुए कृषि और पशुपालन साथ-साथ करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है.§केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि-किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली के कृषि भवन में सीनियर अफसरों की मौजूदगी में ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत ग्रामीण विकास और भूमि संसाधन विभाग की योजनाओं-कार्यक्रमों की समीक्षा की. इस दौरान केंद्रीय मंत्री चौहान ने विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे जलग्रहण विकास कार्यक्रमों को चलाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी आधुनिक तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करें. साथ ही मिट्टी और नमी संरक्षण डेटा के आधार पर निर्णय सहायता प्रणाली (DSS) बनाकर गांव के लोगों और किसानों को सही सलाह दें.
आज नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की विभागवार बैठक के क्रम में बागवानी प्रभाग की समीक्षा बैठक की।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) May 2, 2025
इस दौरान बागवानी क्षेत्र में अनुसंधान के लोकव्यापीकरण हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। pic.twitter.com/YGHgIpjRbA

