केंद्र सरकार द्वारा कृषि और ग्रामीण विकास को मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 3 और 4 जुलाई को जम्मू और कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे श्रीनगर में कई उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता करेंगे और कृषि, ग्रामीण विकास तथा शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
दौरे की शुरुआत 3 जुलाई की सुबह श्रीनगर स्थित सिविल सचिवालय में एक समीक्षा बैठक से होगी, जिसमें कृषि मंत्रालय और ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर में मंत्री श्री चौहान, प्राकृतिक खेती और राष्ट्रीय तिलहन मिशन पर आयोजित कृषि मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में भाग लेंगे। इसी दिन शाम को वे राजभवन में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा द्वारा आयोजित एक शिष्टाचार मुलाकात में भी शामिल होंगे।
दौरे के दूसरे दिन, 4 जुलाई को, केंद्रीय कृषि मंत्री श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SKUAST-K) के छठे दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के शालीमार कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा, जहां उपराज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री एवं प्रो-चांसलर श्री उमर अब्दुल्ला भी उपस्थित रहेंगे।
इस दीक्षांत समारोह में कुल 5,250 छात्रों को स्नातक, परास्नातक और पीएचडी की डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही, 150 स्वर्ण पदक और 445 मेरिट सर्टिफिकेट्स भी उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले छात्रों को दिए जाएंगे।
दीक्षांत समारोह के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री SKUAST-K परिसर में केसर और सेब की बागवानी इकाइयों का दौरा करेंगे और वहां बागवानी वैज्ञानिकों एवं किसानों से सीधा संवाद करेंगे। इसके उपरांत, वे श्रीनगर के खोनमोह गांव में ‘लखपति दीदी‘ कार्यक्रम की महिलाओं से मिलेंगे, जो ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और समृद्धि का प्रतीक बन चुकी हैं।
कृषि मंत्री का यह दौरा जम्मू-कश्मीर में प्राकृतिक खेती, स्थायी कृषि प्रणाली और ग्रामीण विकास को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे पहले भी वे ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के तहत जम्मू पहुंचे थे और वहां उन्होंने किसानों से सीधे संवाद किया था। केंद्रीय कृषि मंत्री विभिन्न राज्यों और गांवों में निरंतर जाकर कृषि समुदाय से सीधा जुड़ाव बना रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभाव देखा जा सके।
इस दौरे से यह उम्मीद की जा रही है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ जम्मू-कश्मीर के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचेगा, और राज्य की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

