ֆ:बीते दिनों अजमेर जिले के किशनगढ़ क्षेत्र में नकली खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों पर की गई छापेमारी के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में पता चला कि कुछ फैक्ट्रियां बिना किसी लाइसेंस के चल रही थीं और किसानों को भ्रमित कर घटिया गुणवत्ता की खाद बेची जा रही थी। इस कार्रवाई में कुल 13 फैक्ट्रियों को सीज किया गया है और 7 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।§ֆ:प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि स्थानीय स्तर पर कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से ये फर्जीवाड़ा लंबे समय से चल रहा था। मंत्री मीणा ने कहा है कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में कीटनाशक, बीज और अन्य कृषि संसाधनों में हो रहे घोटालों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।§ֆ:डॉ. मीणा ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका मकसद सिर्फ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पूरे कृषि विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है। उन्होंने कहा, “अब वक्त है बदलाव का। किसानों की मेहनत का सम्मान तभी होगा जब उन्हें शुद्ध और सही संसाधन मिलेंगे।”§ֆ:कुल मिलाकर, डॉ. मीणा के नेतृत्व में राजस्थान का कृषि विभाग एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां लापरवाही और भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं होगी।§राजस्थान में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा एक बार फिर अपने सख्त तेवरों के चलते चर्चा में हैं। किसानों के हितों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और नकली खाद बेचने वालों पर अब मंत्री मीणा का शिकंजा कसता जा रहा है। हाल ही में उन्होंने प्रदेश के कई जिलों में छापामार कार्रवाई करते हुए फर्जी खाद फैक्ट्रियों को बेनकाब किया है, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।डॉ. मीणा ने साफ कहा है कि किसानों के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी अधिकारी या कारोबारी कृषि व्यवस्था को नुकसान पहुंचाएंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

