प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मध्य प्रदेश के विदिशा संसदीय क्षेत्र के भोजपुर विधानसभा अंतर्गत उमरिया गांव (ओबैदुल्लागंज) में ₹1,800 करोड़ की लागत से बनने वाले ‘ब्रह्मा–बीईएमएल रेल मैन्युफैक्चरिंग हब’ का भव्य शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जबकि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअल माध्यम से जुड़े। यह अत्याधुनिक प्लांट वंदे भारत और मेट्रो कोच के डिजाइन, निर्माण, असेंबली और परीक्षण के साथ-साथ रक्षा उत्पादों के निर्माण की विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगा।
स्वदेशी अपनाने की शपथ
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने ‘स्वदेशी अपनाने’ की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा, “आज से हम अपने घर के लिए जो भी वस्तु खरीदेंगे — चाहे वह भोजन, वस्त्र, तेल, शैम्पू या कॉस्मेटिक हो — वह भारत में निर्मित होगी। यदि 144 करोड़ भारतीय स्वदेशी अपनाना शुरू कर दें, तो हमारी अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी। यही देश के लिए जीना है।”
केंद्रीय कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है और इसके लिए प्रत्येक नागरिक को स्वदेशी को अपनाना होगा। उन्होंने कहा, “हर कोई अपने लिए जीता है, लेकिन सच्चा नागरिक वही है जो देश के लिए जीता है। आज भारत की आवाज पूरी दुनिया में बुलंद है और अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर स्वदेशी को अपनाएं।”
किसानों के हित सर्वोपरि
किसानों को आश्वस्त करते हुएकेंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों से समझौता करने वाला कोई भी अंतरराष्ट्रीय समझौता नहीं होगा। “प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हितों की रक्षा हर हाल में की जाएगी, चाहे इसके लिए कोई व्यक्तिगत कीमत ही क्यों न चुकानी पड़े। बड़े देशों के साथ होने वाले समझौते केवल राष्ट्रीय हित में होंगे,” उन्होंने कहा।
क्षेत्रीय विकास और रोजगार के अवसर
श्री चौहान ने उमरिया और आसपास के क्षेत्रों की औद्योगिक प्रगति पर गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि मांडीद्वीप औद्योगिक क्षेत्र में वर्तमान में 752 इकाइयां संचालित हैं, जो लगभग ₹20,000 करोड़ का निर्यात करती हैं। उन्होंने कहा कि इस रेल निर्माण केंद्र के शुरू होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी, 5,000 से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और एमएसएमई क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा।
भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “बचपन से मैंने इस क्षेत्र में पदयात्राएं और साइकिल यात्राएं की हैं। आज का यह तोहफ़ा इस क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।” उन्होंने इसे सिर्फ एक औद्योगिक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित, स्वदेशी अभियान और युवाओं के सशक्तिकरण का संगम बताया।

