केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज गुजरात के जूनागढ़ स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद – मूंगफली अनुसंधान निदेशालय (ICAR-DGR) का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान की गतिविधियों की समीक्षा की और स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिला सदस्यों — ‘लखपति दीदियों‘ से संवाद किया।
अपने संबोधन में श्री चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि 15 अगस्त 2025 तक देश में 2 करोड़ महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनें, जो राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत प्रति वर्ष ₹10 लाख या उससे अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक 1.5 करोड़ महिलाएं इस लक्ष्य को प्राप्त कर चुकी हैं, और यह संख्या तेजी से बढ़ रही है।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने लखपति दीदियों की 50 प्रेरणादायक सफलता कहानियों का एक संकलन जारी किया, साथ ही संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट 2024 का भी विमोचन किया।
रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए श्री चौहान ने कहा, “हर महिला को आत्मनिर्भर, आर्थिक रूप से सक्षम और स्वावलंबी बनाना हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। जब गांव की महिलाएं कौशल प्रशिक्षण, बैंक ऋण और आवश्यक ढांचा सुविधाएं समय पर प्राप्त करती हैं, तो वे चमत्कार कर सकती हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि लखपति दीदियां न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि सामाजिक बदलाव की अगुवाई भी कर रही हैं। “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का सपना है कि अधिक से अधिक महिलाएं आर्थिक गतिविधियों में भाग लें और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय व वैश्विक मंच पर पहुंचाएं।”
अपने प्रेरणादायक संबोधन के अंत में केंद्रीय कृषि मंत्री ने महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा, “आप हिम्मत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं आपके साथ खड़े हैं। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उद्योग जगत में भी योजनाएं बनाई जा रही हैं। आपकी मेहनत और लगन से ही ‘विकसित भारत’ का निर्माण संभव है। भविष्य के लिए आपको ढेरों शुभकामनाएं।”

