देश में कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ करने और किसानों की आय में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में कई योजनाओं और अभियानों के माध्यम से महत्वपूर्ण पहल की है। इन पहलों में कृषि अवसंरचना निधि (AIF), राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) जैसे कार्यक्रम शामिल हैं, जिनका उद्देश्य कृषि को तकनीकी, आर्थिक और संरचनात्मक दृष्टि से सशक्त बनाना है।
राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से लाखों किसानों को न केवल वित्तीय सहायता दी गई है, बल्कि आधुनिक कृषि तकनीक, भंडारण क्षमता और डिजिटल संसाधनों से भी जोड़ने का प्रयास किया गया है।
कृषि अवसंरचना निधि (AIF) में हुआ ₹66,310 करोड़ का निवेश
कृषि अवसंरचना निधि (AIF) के तहत किसानों को ब्याज सब्सिडी और ऋण गारंटी के साथ परियोजनाओं में निवेश का अवसर प्रदान किया जा रहा है। अब तक 1.13 लाख से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें ₹66,310 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है और इससे ₹1.07 लाख करोड़ का निवेश हुआ है। इन परियोजनाओं में कस्टम हायरिंग सेंटर, प्रोसेसिंग यूनिट्स, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज आदि शामिल हैं।
e-NAM से जुड़ चुके हैं 1.79 करोड़ किसान
राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) प्लेटफॉर्म से अब तक 1.79 करोड़ किसान और 2.67 लाख व्यापारी जुड़ चुके हैं। इस प्लेटफॉर्म पर कुल ₹4.39 लाख करोड़ से अधिक मूल्य का व्यापार दर्ज किया गया है, जिससे किसानों को उचित मूल्य दिलाने में मदद मिली है।
पीएम किसान योजना से ₹3.69 लाख करोड़ सीधे किसानों को मिले
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के अंतर्गत हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाती है। अब तक ₹3.69 लाख करोड़ से अधिक की राशि किसानों को दी जा चुकी है।
पीएम फसल बीमा योजना ने दी ₹1.83 लाख करोड़ की बीमा राशि
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत अब तक 78.41 करोड़ किसानों का पंजीकरण हुआ है और 22.67 करोड़ किसानों को ₹1.83 लाख करोड़ से अधिक की बीमा दावा राशि दी गई है।
भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए 49,796 गोदामों को मिली मंजूरी
एग्रीकल्चरल मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (AMI) योजना के तहत अब तक 49,796 स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है, जिनकी भंडारण क्षमता 982.94 लाख मीट्रिक टन है। इस पर सरकार ने ₹4,829.37 करोड़ की सब्सिडी जारी की है।
छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता
सरकार द्वारा लागू योजनाएं जैसे कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), ड्रोन तकनीक, प्रिसिजन फार्मिंग, नेचुरल फार्मिंग मिशन, और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन खासकर छोटे और सीमांत किसानों को केंद्र में रखकर डिजाइन की गई हैं। 31 मार्च 2025 तक 7.72 करोड़ किसान KCC के तहत सक्रिय खाते चला रहे हैं।
सिंचाई और जल प्रबंधन के लिए “पर ड्रॉप मोर क्रॉप”
पीडीएमसी (Per Drop More Crop) योजना के तहत देश भर में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि जल की बचत हो और उत्पादकता बढ़े। अब यह योजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत लागू की जा रही है।
मृदा स्वास्थ्य सुधार के लिए 25.13 करोड़ सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित
मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना के तहत अब तक 25.13 करोड़ सॉइल हेल्थ कार्ड किसानों को वितरित किए गए हैं, जिससे वे अपने खेत की उर्वरता समझकर उर्वरकों का वैज्ञानिक उपयोग कर पा रहे हैं।

