֍:पाले से फसल को बचाने के लिए करें ये उपाय§ֆ:
1. पाला पड़ने की संभावना वाले दिनों में फसलों की निराई गुड़ाई नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से मिट्टी का तापमान कम हो जाता है, जिससे फसलों में पाला लगने का खतरा बढ़ जाता है.
2. जब भी पाला पड़ने की आशंका हो उस समय फसलों में हल्की सिंचाई कर दें. ऐसा करने से फसलों को पाले से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है.
3. फसलों में पाला की आशंका होने पर घुलनशील गंधक 80 प्रतिशत डब्ल्यूपी का 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें. इस घुलनशील गंधक फसलों को बचाया जा सकता है, क्योंकि इस गंधक से पौधों में गर्मी बनती है और पाला लगने का खतरा कम हो जाता है.
4. पाला पड़ने की संभावना वाले दिनों में शाम होने के बाद खेतों के चारों कोने पर घास फूस जलाकर धुआं करना चाहिए. इससे पाला सीधे तौर पर फसल पर नहीं गिर पाता है और तापमान कम नहीं होता है, जिससे फसलों को नुकसान नहीं होता है.
5. नर्सरी की अवस्था में प्याज, मिर्च, टमाटर, बैगन इत्यादि सब्जियां भी पाले से प्रभावित होती है. इन्हें बचाने के लिए पॉलीथिन या अन्य तरीके से पौधों को ढक देना चाहिए. इसके अलावा पौधों को ढकने के लिए गांव में पुआल का इस्तेमाल किया जा सकता है. पौधों को ढ़कते समय ध्यान रखें कि पौधों का पूर्वी दक्षिण भाग खुला रहे, ताकि पौधों को दोपहर में धूप मिलती रहे. बता दें कि पुआल का प्रयोग फरवरी महीने तक करना चाहिए.
6. शीतलहर और पाला एक सामायिक घटना है, जबकि झुलसा एक फफूंद के द्वारा फैलने वाला रोग है. इसका संक्रमण बहुत तेजी से फसलों पर पड़ता है, इसलिए इस रोग को चक्रवृद्धि ब्याज रोग भी कहते हैं. झुलसा रोग की तीव्रता काफी अधिक बढ जाने की स्थिति में फसलों पर एक फफूंदनाशी का छिड़काव सात दिनों के अंतराल पर करना चाहिए. इस फफूंदनाशी में मैंकोजेब, कार्बेंडाजिम और जिनेब का 2 से 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर फसलों पर छिड़काव करना चाहिए.
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जानकारी के लिए यहां करें संपर्क
§ֆ:पाले और शीतलहर के प्रभाव को करने के लिए अगर बिहार के किसानों को अधिक जानकारी लेनी हो तो इसके लिए किसान निकटतम कृषि कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा किसान कॉल सेन्टर के टोल फ्री नं. 18001801551 पर बात करके भी अपनी फसलों को पाले से बचाने की उपाय जान सकते हैं.§भारत के कई राज्यों में घने कोहरे और ठिठुरन वाली सर्दी का अलम जारी है. ऐसे में लोगों को घर से बाहर निकलने में कापी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, सर्दी की वजह से किसानों को भी नुकसान हो सकता है. लगातार गिरते तापमान से रबी की कई फसलों पर पाले के असर होने लगा है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है. ऐसे में किसानों को अपनी फसल को शीतलहर से बचाने के लिए बिहार कृषि विभाग ने एडवाइजरी जारी की है.

