केंद्र सरकार ने कृषि और किसान कल्याण को देश की विकास की पहली इंजन मानते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में कृषि मंत्रालय के लिए ₹1,27,290.16 करोड़ का रिकॉर्ड बजटीय आवंटन किया है। यह बजट वर्ष 2013-14 के ₹21,933.50 करोड़ की तुलना में 6 गुना से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है, जो सरकार की किसानों और कृषि क्षेत्र के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कृषि क्षेत्र में कार्यरत हैं देश के 46.1% श्रमिक
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जुलाई 2023 से जून 2024 के बीच किए गए पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के अनुसार, देश की कुल कार्यबल का 46.1% भाग कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में कार्यरत है। यह आँकड़ा बताता है कि कृषि न केवल आजीविका का सबसे बड़ा साधन है, बल्कि भारत की सामाजिक-आर्थिक संरचना की रीढ़ भी है।
बजट में कृषि मंत्रालय की हिस्सेदारी
वर्ष 2025-26 के कुल केंद्रीय योजना व्यय (Central Plan Outlay) ₹50.65 लाख करोड़ में से कृषि मंत्रालय का हिस्सा 2.51% है। हाल के वर्षों में कृषि मंत्रालय के बजटीय आवंटन और खर्च का विवरण इस प्रकार है:
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वर्ष |
बजट अनुमान (₹ करोड़ में) |
वास्तविक खर्च (₹ करोड़ में) |
केंद्रीय योजना व्यय (₹ करोड़ में) |
बजटीय हिस्सा (%) |
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2021-22 |
1,23,017.57 |
1,14,840.43 |
34,83,235.63 |
3.53% |
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2022-23 |
1,24,000.00 |
1,01,572.54 |
39,44,908.67 |
3.14% |
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2023-24 |
1,15,531.79 |
1,10,283.64 |
45,03,097.45 |
2.57% |
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2024-25* |
1,22,528.77 |
1,23,987.13 |
48,20,512.08 |
2.54% |
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2025-26 |
1,27,290.16 |
— |
50,65,345.04 |
2.51% |
*2024-25 के आंकड़े अस्थायी हैं
अन्य मंत्रालयों की भी अहम भूमिका
कृषि मंत्रालय के साथ-साथ अन्य मंत्रालय भी कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं:
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय: प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) के माध्यम से।
- कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE): अनुसंधान आधारित योजनाओं के माध्यम से।
- जल शक्ति मंत्रालय: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत।
- रसायन और उर्वरक मंत्रालय: उर्वरकों की आपूर्ति हेतु सहायता।
- ग्रामीण विकास मंत्रालय: मनरेगा जैसी योजनाओं के माध्यम से।

