֍:कमिश्नर, मुरादाबाद ने कही ये बात§ֆ:मुरादाबाद के कमिश्नर ने मामले को लेकर कहा कि संभल हिंसा में 300 से ज्यादा पत्थरबाजों की पहचान हुई है. पुलिस किसी जल्दबाजी में नहीं है, अब पुलिस हिंसा की साजिश रचने वालों की तलाश में है. जो कुछ भी 24 नवंबर को हुआ, वो संभल का रिएक्शन नहीं बल्कि कुछ लोगों का रिएक्शन था. मुरादाबाद कमिश्नर ने कहा कि इस दौरान प्रशासन कहीं असफल नहीं था, भीड़ को संभालने के लिए जो कानून के दायरे में था वह किया गया. पहले हमने समझाया फिर आंसू गैस के गोले छोड़े, लाठीचार्ज किया. बाहर से नेताओं के आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी जिलाधिकारी का आदेश है कि कोई भी बाहरी अनुमित के बिना नहीं आएगा. मेरा अनुरोध है कि थोड़ा समय दें. §֍:जुमे की नमाज के बाद इंटरनेट सेवाएं बहाल§ֆ:
पीटीआई के मुताबिक शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई, जबकि यहां इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गई हैं. हिंसा के बाद जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिले में ड्रोन के साथ-साथ जमीन पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और उचित निगरानी के लिए विवादित मस्जिद के पास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. साथ ही प्रशासन ने शनिवार तक जिले में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है.
§उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हालात सामान्य होने पर इंटरनेट सेवा, जो कि 24 नवंबर से बंद थी. शुक्रवार को प्रशासन ने जुमे की नमाज शांतिपूर्ण रूप से संपन्न होने के बाद संभल में इंटरनेट सेवा शुरू कर दी है. विवाद को लेकर अब प्रशासन की ओर से फैसला भी आ गया है.

