प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत किसानों को मिलने वाला वार्षिक ₹6,000 का लाभ अब पूरी तरह आधार आधारित बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा पारदर्शिता और डिजिटल तकनीक को प्राथमिकता देते हुए आधार सीडिंग और ई-केवाईसी को अनिवार्य किया गया है, जिससे योजना की सफलता दर और भी अधिक हो गई है।
आधार आधारित भुगतान से मिली बड़ी सफलता
दिसंबर 2022 से मार्च 2023 के बीच दी गई 13वीं किस्त से आधार आधारित भुगतान को अनिवार्य कर दिया गया था। इसके परिणामस्वरूप योजना की 19वीं किस्त में भुगतान की सफलता दर 99.92% तक पहुंच गई — जो कि अब तक की सबसे ऊंची दर मानी जा रही है। इससे पहले बैंक खाते के आधार पर होने वाले भुगतान में डेटा एंट्री की गलतियों और बैंक विलय जैसी समस्याओं के कारण कई बार भुगतान अटक जाया करता था।
आधार सीडिंग से जुड़ी तकनीकी पहल
किसानों को सरल और पारदर्शी प्रक्रिया मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने कई तकनीकी नवाचार किए हैं। इनमें PFMS, UIDAI और आयकर विभाग के साथ एकीकरण, भूमि रिकॉर्ड की आधार सीडिंग, और ई-केवाईसी जैसे कदम शामिल हैं। यदि किसी रिकॉर्ड में त्रुटि पाई जाती है, तो वह राज्य/केंद्र शासित प्रदेश को सुधार के लिए वापस भेज दिया जाता है। सुधार के बाद अगली किस्त में तुरंत भुगतान कर दिया जाता है।
योजना के तहत अब तक ₹3.90 लाख करोड़ का भुगतान
फरवरी 2019 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक कुल 20 किस्तों के माध्यम से ₹3.90 लाख करोड़ से अधिक की राशि देश भर के किसानों को ट्रांसफर की जा चुकी है। पात्रता के तहत किसान के पास कृषि योग्य भूमि का होना अनिवार्य है, हालांकि उच्च आय वर्ग वाले कुछ अपवाद इसमें शामिल नहीं हैं।
लेनदेन विफल होने के कारण और समाधान
कुछ मामलों में भुगतान विफल हो सकता है, जिसके प्रमुख कारण हैं: बैंक द्वारा आधार नंबर का डी-सीडिंग, आधार का बैंक खाते से न जुड़ा होना, या खाता बंद होना। ऐसे मामलों में किसानों और संबंधित राज्य सरकारों को त्रुटियों के सुधार के लिए सूचित किया जाता है, और सुधार होते ही अगली किस्त में भुगतान जारी कर दिया जाता है।
किसानों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली
किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरकार ने बहुस्तरीय शिकायत निवारण तंत्र भी विकसित किया है। इसमें CPGRAMSपोर्टल, PM-KISAN पोर्टल, ईमेल और भौतिक आवेदन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सितंबर 2023 में शुरू किया गया AI आधारित ‘किसान ई-मित्र चैटबॉट’ किसानों को उनकी अपनी भाषाओं में 24×7 जानकारी और सहायता उपलब्ध करा रहा है। यह चैटबॉट अब तक 53 लाख किसानों की 95 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान कर चुका है और 11 भाषाओं में कार्य कर रहा है।
PM-KISAN योजना में आधार आधारित भुगतान प्रणाली और डिजिटल तकनीक के उपयोग से योजना में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और किसानों की संतुष्टि में भारी बढ़ोतरी हुई है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र किसान इस योजना से वंचित न रहे और सभी को समय पर लाभ मिल सके।

