֍:क्या है तकनीक?§ֆ:दरअसल, ICAR ने एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसका नाम एआई-डीआईएससी है. ये ऐप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करता है जो फसलों में लगी बीमारियों के बारे में रियलटाइम जानकारी देगी. यह ऐसा सिस्टम है जो एआई (AI) की मदद से फसलों में बीमारियों की पहचान करता है. आईसीएआर की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यह ऐप बीमारी के अलावा कीटों के प्रभाव के बारे में भी बताता है. इस ऐप को मोबाइल के जरिये इस्तेमाल करना बेहद आसान है.§֍:ऐसे करें इस्तेमाल§ֆ:इस ऐप को बहुत ही सरल तरीके से डिजाइन किया गया है, ताकि हर कोई इसका इस्तेमाल कर सके. इसे इस्तेमाल करने के लिए ऐप अपने ऐप अपने मोबाइल में डाउनलोड कर लें. इसे इस्तेमाल करने के लिए यूजर यानी कि किसान को अपना यूजर नाम और पासवर्ड बनाना होगा. उसी आधार पर यह ऐप काम करेगा. जो मोबाइल नंबर इसमें दर्ज किया जाएगा, उस नंबर पर ओटीपी आएगा जिसे ऐप में प्रयोग करना होगा. ऐप में किसानों को कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं. यह ऐप फोटो के माध्यम से फसलों में लगी बीमारी या कीटों के बारे में जानकारी देती है. किसान को फसल की फोटो देनी होती है जिसके आधार पर बीमारी और कीटों के प्रकोप के बारे में पता चलता है. यह ऐप किसान को फसल की बीमारी-कीट के बारे में बताने के अलावा एक्सपर्ट टिप्स भी देता है. इसके लिए ऐप में एक्सपर्ट फोरम बना हुआ है जहां किसान फसलों की बीमारियों का समाधान पा सकते हैं.§֍:मिलेगी रियलटाइम जानकारी§ֆ:इस शानदार ऐप में मक्का, कपास, गेहूं, चावल, टमाटर, सरसों, संतरा और अंगूर खास जैसी कई पसलों के बारे में जानकारी मिलती है. ऐप में एक साथ दो ऑप्शन मिलते हैं. पहला, बीमारी और दूसरा कीट. किसान पहले या दूसरे ऑप्शन पर क्लिक कर उसके बारे में जान सकता है और उसका समाधान भी पा सकता है. ऐप पर ही एक्सपर्ट से बीमारियों और कीटों से छुटकारा पाने की सलाह मिल जाएगी जिसे अपना कर किसान फसलों को बचा सकते हैं. एआई आधारित इस नई तकनीक की मदद से किसान अपनी फसलों को बचा सकते हैं और अच्छी उपज ले सकते हैं.§इससे फसल उत्पादन में काफी असर पड़ता है. यहां तक की किसानों की फसलें बर्बाद भी हो जाती हैं. ऐसे में ICAR ने एक नई तकनीक का इजात किया है, जिससे किसान फसलों में लगी बीमारियों की जानकारी बहुत आसानी ले सकते हैं.

