֍:सरकार ने फंड का रोना रोया§ֆ:कहा जाता है कि इस योजना ने नवंबर 2024 में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ महायुति की जीत में अहम भूमिका निभाई है. रविवार को पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए कोकाटे ने कहा कि लड़की बहन योजना के कारण पैदा हुई वित्तीय परेशानी ने राज्य के सरप्लस फंड को बढ़ाने की क्षमता रोक दी है, जिसे किसानों के लोन माफ करने के लिए आवंटित किया जाता.
एनसीपी नेता कोकाटे ने कहा, “लड़की बहन योजना से पैदा हुए बोझ ने कृषि लोन माफी के लिए फंड अलग रखने की हमारी क्षमता को प्रभावित किया है. हम वित्तीय स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और एक बार राज्य की आय बढ़ जाए तो हम अगले चार से छह महीनों में लोन माफी योजना के साथ आगे बढ़ेंगे.”
§֍:लिस्ट से कई नाम हटाने की तैयारी§ֆ:इसे लेकर एक दिन पहले भी खबर आई कि महाराष्ट्र सरकार लड़की बहन योजना की समीक्षा करेगी और जिस लाभार्थी को पहले से किसी योजना का लाभ मिलता है, उसका नाम काटा जाएगा. अभी महाराष्ट्र में लड़की बहन योजना के तहत 2.63 करोड़ महिलाओँ को वित्तीय लाभ दिया जाता है. इस योजना का नाम मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना है.§महाराष्ट्र के कृषि मंत्री ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है. कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे ने कहा है कि लड़की बहन योजना राज्य के खजाने पर बोझ डाल रही है, जिससे कृषि लोन माफी योजना को लागू करने की उसकी क्षमता प्रभावित हो रही है.
पिछली एकनाथ शिंदे की अगुआई वाली सरकार ने पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये का मासिक भत्ता देने के लिए पिछले साल अगस्त में लड़की बहन योजना शुरू की थी, जिससे राज्य का सालाना करीब 46,000 करोड़ रुपये बजट बढ़ने की संभावना है.

