֍:क्या है मकर संक्रांति?§ֆ:मकर संक्रांति हिंदू धर्म में मनाए जाने वाला एक खास दिन है. इसका सीधा संबंध पथ्वी के सूर्य का चक्कर लगाने से है. यह चक्कर 365 और 6 घंटों में पूरा होता है. ज्योतिष और खगोल विज्ञान दोनों ने ही इस अवधि को 12 भागों में बांटा हुआ है. कैलेंडर की मानें तो ये हिस्से 12 महीने होते हैं. वहीं, ज्योतिष विद्या के अनुसार ये आकाश के 12 हिस्से होते हैं जिन्हें राशियां नाम दिया गया है. इस तरह सूर्य हर महीने एक राशि से दूसरी राशि में जाता है जिस संक्रांति कहते हैं. इसके बाद पृथ्वी की तुलना में जब सूर्य आकाश में धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है, तो यह मकर संक्रांति कहा जाता है. इसका धार्मिक, ज्योतिष और वैज्ञानिक हर तरह से महत्व हैं. पिछले कई दशकों से यह तारीख 14 जनवरी को ही पड़ रही थी. लेकिन 2017 के बाद से कभी कभी यह 15 जनवरी को भी आने लगी है.§֍:क्या है हर साल 14 को होने का रहस्य?§ֆ:हर बार संक्रांति का दिन सूर्य की परिक्रमा के आधार पर होता है. मगर ये रोचक बात है कि हर साल 14 तारीख को ही मकर संक्रांति होती है. दरअसल, भारत के लगभग सभी त्योहार चंद्र कैलेंडर के आधार पर होते है. यही वजह है कि त्योहार अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से हर साल अलग-अलग तारीख को पड़ते हैं. लेकिन मकर संक्रांति का संबंध सूर्य से है. इसीलिए तारीख हमेसा चंद्र नहीं बल्कि सूर्य वाले कैलेंडर से मेल खाती है.§֍:क्यों होता है तारीख में बदलाव?§ֆ:तारीख में बदलाव होने की वजह कैलेंडर का सटीक न होना है. इस कैलेंडर में महीनों की तारीख कई बार बदल जाती हैं. उन्हें 30 के आसपास ही रखा गया. लेकिन 30 सूर्य की राशि परिवर्तन के अनुसार नहीं है. हर साल एक राशि परिवर्तन पिछले साल के मुकाबले 20 मिनट आगे खिसक जाता है. इसलिए हप 72 साल में राशि परिवर्तन का दिन बदल जाता है.§֍:कब से होगी 15 जनवरी को मकर संक्रांति?§ֆ:हिंदू पंचांग के अनुसार 2028,32,36,40,44,47,48,52,55,56,59,60,63,64,67,68,71,72,75,76,79,80,83,84,86,87,88,90,91,92,94,95,99 और 2100 में मकर संक्रांति की तारीख 15 जनवरी को पड़ेगी. बता दें कि 14 या 15 तारीख में आगे पीछे होने की वजह हिंदू पंचांग के दिन का समय पूरे 24 घंटे नहीं होता है. इस पंचांग में दिन भी रोज रात में 12 से शुरु नहीं होता है. इस बार मकर संक्रांति सुबह 9 बजकर 3 मिनट पर शुरु होगी. इसी वजह से कई बार त्योहार दो तारीखों में पड़ जाते हैं. §हमारा देश पर्वों का देश है. यहां हर धर्म के त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाए जाते हैं. नए साल के बाद पहले ही महीने में हर 14 तारीख को मकर संक्रांति का त्योहार होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है कि हर साल 14 ही तारीख को मकर संक्रांति मनाई जाती है. अगर नहीं पता है तो आइए हम आपको इसकी पूरी जानकारी देते हैं.

