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भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा निर्माता संघ (इस्मा) के अनुसार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में पेराई दर पिछले साल की तुलना में बेहतर रही।
हालांकि, बारिश के कारण गन्ना आपूर्ति में अस्थायी व्यवधान के कारण दिसंबर 2024 के अंतिम सप्ताह के दौरान उत्तर प्रदेश में पेराई दर प्रभावित हुई।
पहली तिमाही के दौरान, एक साल पहले 512 मिलों के मुकाबले 493 मिलें चालू थीं।
देश के सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन चालू विपणन वर्ष 2024-25 (अक्टूबर-सितंबर) की पहली तिमाही के दौरान घटकर 32.80 लाख टन रह गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 34.35 लाख टन था।
देश के दूसरे सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में उत्पादन एक साल पहले के 38.20 लाख टन से घटकर 30 लाख टन रह गया, जबकि कर्नाटक में उत्पादन 24.91 लाख टन से घटकर 20.40 लाख टन रह गया।
इस्मा जनवरी के अंत तक चीनी उत्पादन का अपना दूसरा अग्रिम अनुमान जारी करेगा।
उद्योग निकाय ने 2024-25 विपणन वर्ष में घरेलू चीनी खपत कम होकर 280 लाख टन रहने का अनुमान लगाया है।
§उद्योग निकाय इस्मा द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में शुरू हुए चालू विपणन वर्ष की पहली तिमाही में चीनी उत्पादन 16 प्रतिशत घटकर 95.40 लाख टन रह गया, जिसका मुख्य कारण महाराष्ट्र में उत्पादन में गिरावट है। मिलों ने एक साल पहले इसी अवधि में 113.01 लाख टन चीनी का उत्पादन किया था। उत्पादन के आंकड़ों में इथेनॉल बनाने के लिए चीनी के इस्तेमाल को शामिल नहीं किया गया है।

