֍:दूध खरीद में कटौती§ֆ:पशुपालन मंत्री ने भुगतान न चुकाने की बात पर कहा कि इसे किश्तों में चुकाया जाएगा. किसान नेता कुरुबुरू शांताकुमार ने ‘न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा कि किसानों को अभी इंसेंटिव का भुगतान नही किया जा रहा है. इसके अलावा, किसानों को खरीदे गए दूध पर प्रति लीटर एक रुपये कम दिया जाता है. राज्य में करीब 38 लाख डेयरी किसान हैं और उनमें से 90 परसेंट से अधिक महिलाएं हैं. उन्होंने कहा, “राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन उन्हें प्रोत्साहन राशि के भुगतान पर चुप है.”§ֆ:”इसके अलावा, दूध खरीद मूल्य कम कर दिया गया है. मुझे 34 रुपये प्रति लीटर मिल रहे थे और अब, मुझे 32.27 रुपये का भुगतान किया जा रहा है. जब हमने सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं. वहीं, रामनगर के डेयरी किसान लक्ष्मव्वा ने कहा, “हालांकि सरकार ने दूध की कीमत बढ़ा दी है, लेकिन इसका पैसा किसानों को नहीं दिया जा रहा है.”§कर्नाटक के डेयरी किसान काफी पराशानियों से जुझ रहे हैं. इसमें राज्य सरकार ने उन्हें पिछले नौ महीनों से इंसेंटिव का पैसा नहीं दिया है. दरअसल, सरकार को क्षीरधारे योजना के तहत किसानों से सप्लाई किए जाने वाले दूध पर 5 रुपये प्रति लीटर का भुगतान करना है. पशुपालन मंत्री के वेंकटेश ने माना कि किसानों को पांच महीने से कोई पैसा नहीं दिया गया है, क्योंकि इस संबंध में एक प्रस्ताव वित्त विभाग के पास पेंडिंग है. साल 2023 में विधानसभा में विपक्ष के तत्कालीन नेता सिद्धारमैया ने कहा था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो वह इंसेंटिव को बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर कर देगी. वेंकटेश ने विधानसभा को बताया कि जून 2024 से अक्टूबर 2024 तक किसानों को भुगतान नहीं किया गया है और उन्हें दी जाने वाली राशि 606.69 करोड़ रुपये है.

