ֆ:लाल कृष्ण आडवाणी का राजनीती में अनुभव
§ֆ:बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को देश की राजनीति का काफी लम्बा अनुभव है. उन्होंने पार्टी में रहते हुए कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया. लाल कृष्ण आडवाणी ने 1941 में आरएसएस ज्वाइन की उसके बाद उनकी एंट्री राजनीति में हुई. वर्ष 1971 में जनसंघ लीडर के रूप में उनकी एंट्री पार्लियामेंट में हुई. उसके बाद से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नही देखा.
§ֆ:रथ यात्रा से बनी अलग छवि.
§ֆ:वर्ष 1990 में लालकृष्ण आडवाणी ने रथ यात्रा की शुरुआत की. इससे पार्टी को एक नयी दिशा मिली और आडवाणी इस रथयात्रा के सूत्रधार के रूप में उभरकर सामने आये. इस दौरान उनको विवादों का भी सामना करना पड़ा. इसके बाद वर्ष 1998 में लालकृष्ण आडवाणी को गृहमंत्री और उप प्रधानमंत्री बनाया गया. राजनीति क्षेत्र में उनके लम्बे कार्यकाल और अनुभव को देखते हुए उनको भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा.
§ֆ:प्रधानमंत्री ने क्या कहा
§ֆ:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ख़ुद सोशल मीडिया साइट एक्स पर इसका एलान किया. उन्होंने लिखा, ”मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि लालकृष्ण आडवाणी जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा. मैंने भी उनसे बात की और इस सम्मान से सम्मानित होने पर उन्हें बधाई दी.”
§ֆ:इस दौरान उन्होंने कहा ”हमारे समय के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक रहे आडवाणी जी का भारत के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है. उनका सफ़र ज़मीनी स्तर पर काम करने से शुरू होकर उप प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करने तक का रहा है. उन्होंने गृह मंत्री और सूचना एवं प्रसारण मंत्री के रूप में भी अपनी पहचान बनाई. उनकी संसदीय यात्रा अनुकरणीय और समृद्ध नज़रिए से पूर्ण रही है.”
§भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से हर कोई वाकिफ़ है. उन्होंने पार्टी में रहते हुए अपनी एक अलग छवि बनाई और देशहित के लिए काम किया. राजनीति और देशहित में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए लालकृष्ण आडवाणी को भारत के सर्वोच्च पुरुस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा. इस बात की पुष्टि स्वंयं प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने अपने एक्स अकाउंट से की है. लालकृष्ण आडवाणी यह पुरुस्कार पाने वाले भारत के 50 वें व्यक्ति है . बीजेपी से भारत रत्न पुरूस्कार पाने वाले दूसरे राजनेता है.

