֍:किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन§ֆ:फसल बीमा और स्थानीय मौसम संबंधी चेतावनियां और उपज का पता लगाने के लिए खेतों की जियो-टैपिंग, इस प्लेटफॉर्म पर जोड़ी जाने वाली नई सेवाओं में शामिल हैं. आईटीसी के कृषि-व्यवसाय प्रभाग के सीईओ एस गणेश कुमार ने कहा कि एमएएआरएस पर 1.7 मिलियन से अधिक किसान पहले ही रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जिससे क्वालिटी वाले उत्पादन के लिए एक तंत्र विकसित हो गया है. कंपनी 22 राज्यों में है और इसकी योजना मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और बिहार में विस्तार करने की है. आईटीसी गेहूं, धान, मक्का, सोयाबीन, मिर्च और जीरा से लेकर हरी मटर, आम और अन्य फल और सब्जियों जैसी पारंपरिक फसलों की खरीद भी बढ़ा रही है.§֍:सबसे बड़े कृषि उत्पादों के निर्यातकों में से एक है कंपनी§ֆ:गणेश कुमार ने ‘फाईनेंसियल एक्सप्रेस’ को बताया कि हमारे साथ जुड़े किसान कीमत पाने के लिए मंडियों में नहीं जाते, हम उन्हें दरवाजे पर सुविधा देते हैं और खेत पर खरीद करते हैं. मध्य प्रदेश में, कंपनी ने एफपीओ के माध्यम से 2.5 लाख टन से अधिक गेहूं खरीदा है. वर्तमान में, विविध समूह की लगभग 40 फीसदी कृषि खरीद आईटीसी MAARS प्लेटफॉर्म का उपयोग करके की जाती है. कंपनी 22 राज्यों में लगभग 3 मिलियन टन कृषि वस्तुओं, जिसमें गेहूं, सोयाबीन आदि की खरीद करती है और देश में कृषि उत्पादों के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है.§भारत के सबसे बड़े FMCG उत्पादकों में से एक ITC ने किसानों के लि ए एक बड़ा कदम उठाया है. इसमें बताया गया कि आईटीसी अगले पांच वर्षों में MAARS के लिए मेटा मार्केट के माध्यम से 4000 से अधिक FPO को जोड़ेगा. इससे करीब 1 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा. जिसमें फिजिकल प्लेटफॉर्म को फसल बीमा सहित कई नई सेवाओं के साथ भी जोड़ा जाएगा. वर्तमान में, 1,700 एफपीओ के 1.7 मिलियन किसान MAARS नेटवर्क पर हैं, जो किसानों को फार्म-गेट खरीद, उर्वरक उपयोग, मौसम संबंधी सलाह के लिए व्यक्तिगत सेवाएं देता है.

