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इंडोनेशिया में गिरा उत्पादन
§ֆ:इंडोनेशिया पाम ऑयल उत्पादन में सबसे ऊपरी लिस्ट में आता है. यहां उत्पादन में भारी गिरावट हुई. इसके दूसरे सबसे बड़े पाम ऑयल उत्पातदक देश मलेशिया में भी पाम तेल का उपयोग जैव ईंधन बनाने बढ़ा दिया गया है. पहले यहां उत्पाददन के 35 प्रतिशत से जैव ईंधन बनाया जा रहा था, जिसे 1 जनवरी से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का ऐलान किया जा चुका है. वहीं इस बड़े घटनाक्रम के तुरंत बाद थाईलैंड ने घरेलू आपूर्ति और दामों को काबू में रखने के लिए कच्चे पाम तेल के निर्यात पर बैन लगा दिया. इस वजह से पाम तेल के दाम हद से ज्याबदा महंगे हो गए. §֍:सूरजमुखी तेल के बढ़े दाम§ֆ:पाम तेल महंगा होने के साथ सूरजमुखी तेल के दामों में भी इजाफा देखा जा रहा है. जानकारी के अनुसार लोग पाम ऑयल छोड़ सूरजमुखी के ताल का ज्यादा इस्तेमाल करना शुरु कर दिया है, जिससे इसके भी दाम बढ़ने लगे हैं. इसी बीच रूस ने भी सूरजमुखी तेल के निर्यात शुल्क में बढ़ोतरी कर दी. §खाद्य उत्पादों पर तेजी से दामों की बढ़ोतरी हो रही है. ऐसे में अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय मंत्री शंकर ठक्कर ने बताया पिछले 3 महीने से अधिक समय में खाद्य तेलों के दामों में बहुत ज्या दा बढ़ोतरी हुई है. इस दौरान 30-40 प्रतिशत तक दाम बढ़ चुके हैं. इसमें अभी इजाफा होने की संभावना बताई जा रही है. सामान्य लोगों का तेल कहे जाने वाले पाम तेल को खाने के तेलों में सबसे ऊंची पायदान पर लाकर रख दिया है. तीन महीने पहले 920 रुपए प्रति 10 किलो बिकने वाले पाम तेल के दाम 1360 रुपए प्रति 10 किलो तक पहुंचा दिए हैं.

