֍:किसानों का प्रदर्शन तेज §ֆ:भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंगलवार को एक बयान में दावा किया कि जिन नेताओं ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया था और अधिकारियों से संवाद किया था, उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. टिकैत ने फेसबुक लाइव के माध्यम से कहा कि सरकार किसानों के अधिकारों को कुचलना चाहती है और आंदोलन को देश के खिलाफ बताती है. उन्होंने आंदोलन को जारी रखने का संकल्प लिया और कहा कि किसानों की आवाज नहीं दबाई जा सकती, एक बड़ा संघर्ष देश में होगा.
§֍:राकेश टिकैत की प्रशासन को चेतावनी §ֆ:राकेश टिकैत ने प्रशासन को चेतावनी दी कि वह दो घंटे में नोएडा आएंगे और जहां भी गिरफ्तार नेताओं को रखा गया है, वहीं पर मीटिंग करेंगे. इन घटनाओं के चलते नोएडा में फिर से बड़े आंदोलन के आसार दिखाई दे रहे हैं और किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है. इन घटनाक्रमों ने एक बार फिर जमीन के अधिकार और मुआवजे के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है.§֍:किसानों को बसों में भरकर ले गई पुलिस§ֆ:पुलिस ने दलित प्रेरणा स्थल में धरने पर बैठे 100 से अधिक किसानों को मंगलवार को हिरासत में ले लिया और बसों में भरकर वहां से दूसरी जगह ले गए. किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें परेशान कर रही है. वहीं, दोपहर होते-होते दलित प्रेरणा स्थल पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई. फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किसानों को कहां लेकर जाया गया है.
§नोएडा में एक बार फिर किसानों की अधिग्रहित जमीन पर मुआवजे को लेकर आंदोलन गर्माता जा रहा है. किसानों ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के तहत आने वाले गांवों के लिए मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर 2 दिसंबर को बड़ा प्रदर्शन किया. इन किसानों ने दिल्ली मार्च करने की कोशिश की थी, जिसे नोएडा में दलित प्रेरणा स्थल पर अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद स्थगित कर दिया गया था. प्रदर्शनकारियों को दलित प्रेरण स्थल पर शांति से धरना देनी की अनुमति दी गई थी.

