֍:किसान के भेष में धान खरीदने पहुंचे कलेक्टर §ֆ:कलेक्टर ने करीब एक घंटे तक खरीदी केंद्र का भ्रमण किया और कर्मचारियों व किसानों के बीच व्यवहार के बारे में जानकारी ली. उन्होंने किसानों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना. फड़ में धान की तुलाई करवाने के बाद उन्होंने तौल पत्रक की ऑनलाइन एंट्री भी करवाई. जब सबको पता चला कि यह कलेक्टर श्री विलास भोसकर हैं तो सभी चौंक गए.
§֍:कलेक्टर ने दिए निर्देश §ֆ:इस दौरान कलेक्टर ने समिति प्रबंधक को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए. खरीदी प्रक्रिया के दौरान चौकस रहें और कोचियों-बिचौलियों पर निगरानी रखें. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
§֍:कलेक्टर ने किसानों से की बात §ֆ:इस निरीक्षण के बाद कलेक्टर सहकारी बैंक सीतापुर भी पहुंचे, जहां धान बेचने के बाद पैसे निकालने के लिए किसान लाइन में खड़े थे. कलेक्टर खुद भी लाइन में खड़े हो गए और पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया. उन्होंने एक किसान के खाते से पैसे निकलवाए और उन्हें गिना. इसके बाद उन्होंने नई पासबुक के लिए फार्म लिया और बैंक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
कलेक्टर ने बैंक के कर्मचारियों से भी बातचीत की और फीडबैक लिया कि किसानों के पैसे ट्रांसफर होने में या अन्य बैंकिंग कार्यों में कोई दिक्कत तो नहीं है. उन्होंने शाखा प्रबंधक को निर्देश दिए कि किसानों के प्रति व्यवहार हमेशा अच्छा रहे.
§धान खरीद में कमी को लेकर किसानों की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के कलेक्टर श्री विलास भोसकर किसान बनकर धान की खरीद करने पहुंचे. घंटों तक वह लाइन में खड़े रहे. उनके साथ एसडीएम रवि राही भी मौजूद दिखे. पटेल धान उपार्जन केंद्र पर कलेक्टर ने किसान के कपड़े पहन टोकन से लेकर तौल प्रक्रिया तक का पूरा जायजा लिया.
कलेक्टर ने किसानों बात की और व्यवस्था के बारे में पूछा. कर्मचारियों के व्यवहार के बारे में भी जानकारी ली. जब लोगों को पता चला कि यह कलेक्टर हैं, तो सभी चौंक गए.

