֍:
77 राइडर्स के साथ निकली स्वच्छ ईंधन रैली
§ֆ:अमूल के 77 से अधिक राइडर्स सर्कुलर इकोनॉमी और सतत पर्यावरण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए स्वच्छ ईंधन रैली में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने डेयरी सहकारी समितियों की विरासत का सम्मान करते हुए सर्कुलर अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों और सतत पर्यावरण के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न राज्य सहकारी समितियों, संस्थानों और किसानों से मिलते हुए गए.§֍:दिल्ली में हुआ समापन§ֆ:”राष्ट्रीय दुग्ध दिवस” मनाने के लिए रैली का समापन दिल्ली में हुआ, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से शुरू हुई रैलियों ने मिलकर धौला कुआं से मानेकशॉ एन्क्लेव, दिल्ली तक अपना अंतिम पड़ाव तय किया. धौला कुआं से शुरू हुई इस रैली को डीएएचडी सचिव अलका उपाध्याय ने हरी झंडी दिखाई. इस अवसर पर GCMMF (अमूल) के अध्यक्ष शामलभाई बी पटेल, GCMMF (अमूल) के उपाध्यक्ष वालमजी हुम्बल, डॉ. वर्गीस कुरियन की पुत्री सुश्री निर्मला कुरियन, GCMMF (अमूल) के प्रबंध निर्देशक जयेन मेहता और डीएएचडी के निर्देशक मंडल और अधिकारी मौजूद रहे.§ֆ:§۩:Uploads/NewsImages/27-11-2024/fffYxW8ZPKsV7Vp53Wbz.jpg|§ֆ:इस दौरान पशुपालन एवं डेयरी केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी.बघेल ने इस अवसर पर सहकारी क्षेत्र और श्वेत क्रांति में डॉ. कुरियन के योगदान को याद किया. उन्होंने अमूल फाउंडेशन में त्रिभुवनदास पटेल द्वारा निभाई गई भूमिका को भी याद किया. अलका उपाध्याय ने यह भी उल्लेख किया कि वह दूध उत्पादकता में सुधार के प्रयासों और डीएएचडी द्वारा इसके लिए उठाए जा रहे विभिन्न कदमों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं.§۩:Uploads/NewsImages/27-11-2024/bknVo6Q2EV2JiYaJsIId.jpg|§ֆ:मानेकशॉ सेंटर, दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय दुग्ध दिवस समारोह में, मुख्य अतिथि पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि सहकारिता यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि किसानों को उनकी उपज के लिए उचित मूल्य मिले. यह महत्वपूर्ण है कि हम डेयरी उद्योग को संगठित करने की दिशा में काम करें जो बिचौलियों को खत्म करेगा और इससे किसानों को सहकारी संरचना द्वारा सीधे लाभ मिल सकेगा.§֍:सहकारिता सम्मेलन को लेकर कही ये बात§ֆ:उन्होंने आगे कहा यह भी बड़े सम्मान की बात है कि भारत अपने 130 साल के इतिहास में पहली बार 25 से 30 नवंबर तक नई दिल्ली में इंटरनेशनल कोऑपरेटिव एलाइंस के वैश्विक सम्मेलन का आयोजन कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्मेलन का उद्घाटन किया और भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष -2025 का शुभारंभ किया. इस कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. §۩:Uploads/NewsImages/27-11-2024/eNL3OMizUmBCgrrnORUi.jpg|§ֆ:उन्होंने यह भी कहा कि डेयरी सहकारी समितियों के साथ स्वतंत्रता आंदोलन ने एक नई दिशा ली और डेयरी सहकारी संस्था ‘अमूल’ अब दुनिया के शीर्ष ब्रांडों में से एक है. गृह मंत्री अमित शाह और भारत में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि शोम्बी शार्प ने भी भारत में सहकारी आंदोलन के ध्वजवाहक के रूप में अमूल की सराहना की.§֍:फिल्म की हुई स्क्रीनिंग§ֆ:”राष्ट्रीय दुग्ध दिवस” के उपलक्ष्य में और भारत के डेयरी उद्योग में सहकारी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रदर्शित करने के लिए 26 नवंबर को भारत मंडपम में ICA के वैश्विक सम्मेलन में सभी प्रतिनिधियों के लिए अमूल की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म “मंथन” की एक स्पेशल स्क्रीनिंग भी आयोजित की गई.§۩:Uploads/NewsImages/27-11-2024/tuUOds9Hopif5mHEmEIB.jpg|§भारत में हर साल 26 नवंबर को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन को सरदार वल्लभभाई पटेल से प्रेरित डेयरी सहकारी आंदोलन ने 1946 में अमूल का गठन किया गया, जिसमें लाखों किसान जुड़ते गए और ”अमूल” विश्व में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया. अमूल ने डॉ. वर्गीस कुरियन की जयंती मनाने और “राष्ट्रीय दुग्ध दिवस” के उपलक्ष्य पर चार स्वच्छ ईंधन रैलियां आयोजित की. इन रैलियों का उद्देश्य सर्कुलर इकोनॉमी और बायोसीएनजी के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था. मारुति सुजुकी और बजाज ऑटो द्वारा संचालित अमूल स्वच्छ ईंधन रैली हिम्मतनगर, कोलकाता, पुणे और जम्मू में शुरू हुई थी. कुल मिलाकर 5,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए यह रैली दिल्ली में संपन्न हुई. यहां 26 नवंबर को भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा आयोजित “राष्ट्रीय दुग्ध दिवस” समारोह का हिस्सा बनी.

