֍:E-Nam पर किस राज्य की कितनी मंडियां §ֆ:तमिलनाडु (Tamil Nadu) – 157
राजस्थान (Rajasthan) – 145
गुजरात (Guzarat) – 144
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) – 139
महाराष्ट्र (Maharashtra) – 133
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) – 125
हरियाणा (Haryana) – 108
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1500 मंडियों को जोड़ने का ऐलान
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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने हाल ही में e-NAM के साथ 1,500 मंडियों को जोड़े जाने का एलान किया था. बीते पांच सालों में e-NAM पर हो रहे सालाना व्यापार में 110 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है. आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2019 से 20 के दौरान व्यापार 34,940 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2024 में 78,424 करोड़ हो गया. किसान भी धीरे-धीरे e-NAM प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रहे हैं. वहीं, कृषि मंत्रालय ने राज्य सरकारों से कृषि व्यापार को आसान बनाने के लिए कुछ नियमों में ढील देने की सलाह दी है. इन सलाहों में दूसरे राज्य के व्यापारियों को बिना बैंक गारंटी के कृषि उत्पाद खरीदने और बेचने की अनुमति देना, राज्यों के भीतर व्यापार के लिए एकीकृत लाइसेंस की व्यवस्था के साथ फार्मगेट से खरीद के लिए एकीकृत लाइसेंस का प्रावधान करना शामिल है.
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e-NAM से किसानों को मिलती है ये सुविधा
§ֆ:e-NAM के जरिए आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटका, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के किसानों ने धान, मक्का, कपास, फूलगोभी, प्याज और टमाटर जैसे कृषि उत्पादों को बेचा है. इसके लिए, किसानों को मंडियों तक फसल लाने की जरूरत भी नहीं पड़ती है. e-NAM प्लेटफॉर्म के तहत किसानों को उनके खेतों से सीधे फसल बेचने की सुविधा मिलती है.§केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने राजस्थान में मौजूद 21 मंडियों को साल 2016 में शुरु हुए इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्किट (ई-नाम) प्लेटफॉर्म से जोड़ने की मंजूरी दे दी है. इन मंडियों समेत अब देश की करीब 1,400 से अधिक मंडियां ई-नाम से जुड़ चुकी हैं. इस पोर्टल के तहत देशभर की मंडियों का डिजिटल रूप में एकीकरण हो रहा है, जिससे विभिन्न राज्यों के बीच कृषि उत्पादों का व्यापार को बढ़ावा मिल रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, देश के कई राज्यों की सरकारें केंद्रीय कृषि मंत्रालय से अपनी मंडियों को ई-नाम प्लेटफॉर्म से जोड़ रही हैं. ऐसे में राज्यों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. देशभर में 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 1389 मंडियों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका है.

