֍:दिया गया ज्ञापन
§ֆ:SEA ने गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित पांच मंत्रियों से अपील की है कि वायदा कारोबार की अनुपस्थिति से मूल्य जोखिम प्रबंधन और बाजार विकास में बाधा उत्पन्न हो रही है. ऐसे में एसईए के अध्यक्ष संजीव अस्थाना ने मंत्रियों को दिए गए एक ज्ञापन में कहा, “उद्योग को उम्मीद थी कि सुचारू संचालन के लिए निलंबन हटा दिया जाएगा, लेकिन इस प्रतिबंध के जारी रहने से एक आवश्यक जोखिम शमन उपकरण और कमजोर हो गया है।”§֍:
उद्योग निकाय ने कही ये बात
§ֆ:उद्योग निकाय ने कहा कि मौजूदा सोयाबीन की कीमतें सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 4,892 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे कारोबार कर रही हैं, जबकि रेपसीड की कीमतें इसके MSP 5,950 रुपये से थोड़ी अधिक हैं. एसोसिएशन ने कच्चे पाम और कच्चे सोयाबीन तेल जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार की जाने वाली वस्तुओं में वायदा कारोबार को फिर से शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने इस मांग को लेकर तर्क दिया कि प्रतिबंध के कारण व्यवसायों में अधिक मूल्य अस्थिरता देखने को मिल रही है.
§भारत के खाद्य तेल उद्योग संगठन SEA ने सोमवार को सरकार से पाम तेल और सोयाबीन तेल के साथ प्रमुख कृषि वस्तुओं में वायदा कारोबार पर प्रतिबंध हटाने की मांग की है. इसको लेकर खाद्य तेल उद्योग निकाय का कहना है कि इससे उसके सदस्यों पर वित्तीय प्रभाव पड़ रहा है. यह प्रतिबंध पहली बार दिसंबर 2021 में सात कृषि वस्तुओं पर लागू किया गया था. इसे कई बार बढ़ाया जा चुका है और वर्तमान विस्तार 20 दिसंबर, 2024 तक है.

