֍:सुबह पहुंची सर्वे टीम§ֆ:संभल में मस्जिद के सर्वे पर टीम सुबह करीब 7:30 बजे पहुंचे. जिसके करीब एक घंटे बाद भीड़ ने बवाल शुरु कर दिया. एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई और डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने मोर्चा संभाल कर भीड़ पर आंसू गैस के गोले दागे. डीएम और एसपी आक्रोशित भीड़ को संभालने पहुंचे. इसके बाद भीड़ ने नारेबाजी शुरु कर दी और कुछ देर बाद पत्थरबाजी शुरु हो गई. संभल में जामा मस्जिद का सर्वे करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर की टीम दोबारा पहुंची थी. इससे पहले 19 नवंबर को संभल जिले की चंदौसी स्थित सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह की कोर्ट ने जामा मस्जिद के एडवोकेट कमिश्नर सर्वे का आदेश दिए था. कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को सर्वे करने के लिए टीम पहुंची थी.
§֍:विष्णु जैन का दावा§ֆ:इस मामले में एएसआई, उत्तर प्रदेश सरकार, जामा मस्जिद कमेटी और संभल के जिलाधिकारी को पक्षकार बनाया गया है. अधिवक्ता विष्णु जैन ने बताया, “सम्भल में हरिहर मंदिर हमारी आस्था का केंद्र है. हमारी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां पर दशावतार में से कल्कि अवतार यहां से होना है. वर्ष 1529 में बाबर ने मंदिर को तोड़ कर मस्जिद में बदलने की कोशिश की थी. यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित क्षेत्र है.उसमें किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं हो सकता. वहां पर बहुत सारे निशान और संकेत हैं जो हिन्दू मंदिर के हैं. इन सारी बातों को ध्यान रखते हुए अदालत ने यह आदेश जारी किया है.”§संभल में जामा मस्जिद सर्वे को लेकर लोगों ने टीम पर पथराव शुरु कर दिया. इस दौरान टीम को भगाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए. कोर्ट के आदेश के बाद सर्वे टीम पर भड़की भीड़ ने पुलिस पर भी हमला कर दिया. पुलिस ने भीड़ द्वारा पत्थरबाजी की और धक्का मुक्की भी हुई. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है. इस वीडियो में हेलमेट पहले हुए पुलिस वाले भी दिखाई दिए. इस समय संभल में स्थिति तनाव में है.

