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कृषि वैज्ञानिक ने दी जानकारी
§ֆ:कृषि वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश में काफी समय से डीएपी प्रच्चलन में है. इससे काफी किसानों को फायदा हुआ, जिसके बाद अन्य कृषकों ने इसका इस्तेमाल शुरु कर दिया. अब उन्हें किसी दूसरे रसायन को छोड़ केवल डीएपी की मांग है. ऐसे में वे केंद्रों पर लंबी कतारों में सुबह-सुबह पहुंच रहे हैं ताकि उन्हें डीएपी मिल सके. कई अन्य राज्यों में किसान पर्चीया पहले से बनवाकर लाइनों में नजर आ रहे हैं. ऐसे किसानों को फसल क्रांति के माध्यम से बताना चाहुंगा कि डीएपी के इस्तेमाल को छोड़ अगर एनपीके का इस्तेमाल किया जाए तो भी किसानों को खेती में अच्छा लाभ मिलेगा.§֍:इन उत्पादों का करें इस्तेमाल§ֆ:उन्होंने बताया कि किसानों डीएपी की जगह NPK 102626, NPK 123216 को इस्तेमाल में लेना चाहिए. इन रसायनों में नाइट्रोजन, पोटाश और फॉस्फोरस मिलता है. जबकि, डीएपी में केवल फॉस्फोरस और नाइट्रोजन ही मिलते हैं. सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP), NPK 123216 32% पोषक तत्व, NPK 102626 में 26% पोषक तत्व. DAP का बैग 1450-1500 रुपये की कीमत में आ जाता है. वहीं, NPK का बैग लगभग 50 रुपये बढ़त के साथ आता है. न्यूट्रेंट्स की बात करें तो DAP में 46% फॉस्फोरस मौजूद होता है. बात करें कीमत की तो सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) की बाजार में 600 रुपये कीमत है. वहीं, SSP में शामिल होने वाले zinc+boron की कीमत 800 रुपये है. एसएसपी डीएपी से ज्यादा उपयोगी है. इसमें कई ज्यादा न्यूट्रीएंट होने पर ज्यादा लाभ देगी. तिलहनी फसलों में SSP काफी ज्यादा कारगर है. आलू जैसी फसलों में DAP का इस्तेमाल लाभ करता है. गन्ने की फसल में DAP का इस्तेमाल लाभदायक है. फसलों के लिए 17 तत्वों की आवश्यकता होती है. इसी के साथ हमें कम मात्रा में माइक्रो न्यूट्रीएंट चाहिए होते हैं. §भारत में DAP की कमी के कारण किसान काफी परेसान हो रहे हैं. केंद्रों पर लंबी लाइनें देखी जा रही हैं. साथ ही इसस कई राज्यों में केंद्रों पर विवाद भी होते दिख रहे हैं. ऐसे में शामली कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार यादव से फसल क्रांति की बातचीत हुई. इस दौरान उन्होंने खेती से जुड़े कई अहम पहलुओं के बारे में जानकारी दी. उन्होंने DAP के समान अन्य उत्पाद के बारे में भी बताया, जिससे किसानों को खेती में डीएपी के समान ही लाभ होगा.

