֍:बढ़ रहे मामले§ֆ:पराली जलाने के मामले पंजाब और हरियाणा में अभी भी सामने आ रहे हैं, जिससे अन्य राज्यों की हवा दूषित हो रही है. इन मामलों को रोकने के लिए पंजाब में गांव और ब्लॉक स्तर पर निगरानी टीमें बनाई गई हैं. पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर के आंकड़ों के अनुसार 15 सितंबर से 11 नवंबर तक पराली जलाने की कुल 7,029 घटनाएं हुई हैं. आंकड़ों के अनुसार सोमवार को संगरूर में 103 खेतों में आग लगने की घटनाएं दर्ज की गईं, जो राज्य में सबसे अधिक है. इसके बाद फिरोजपुर में 72, मुक्तसर में 46, मोगा में 40, मानसा में 37, फरीदकोट में 29 और बठिंडा में 24 घटनाएं दर्ज की गईं. आंकड़ों के अनुसार गुरदासपुर में खेतों में आग लगने की सबसे कम घटनाएं हुईं. §֍:चंडीगढ़ में वायु गुणवत्ता खराब§ֆ:दोनों राज्यों में पराली जलाने के मामलों की वजह से चंडीगढ़ में वायु दूषित हो रही है. चंडीगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप के अनुसार चंडीगढ़ में शाम 7 बजे AQI 331 दर्ज किया गया.§पंजाब-हरियाणा में खरीफ सीजन के खत्म होते ही कई मामले सामने आ रहे हैं. इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. राज्य सरकारों ने पराली नियंत्रण के लिए पहले से ही किसानों को हिदायत के साथ जुर्माने को भी लागू किया. लेकिन इससे अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है. पंजाब में पराली की लगभग 7000 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं. वहीं, सोमवार को 401 नए पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए. इसको लेकर सुप्रीमकोर्ट ने राज्यों की सरकार को इन घटनाओं को नहीं रोक पाने पर कड़ी फटकार लगाई है.

