֍:राजधानी में हिमाचल से निर्यात होता है आलू§ֆ:दिल्ली-एनसीआर की बाजारों में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश से सबसे ज्यादा आलू का निर्यात होता है. अब हिमाचल के जिलों में आलू के उत्पादन में गिरावट आने पर दाम चढ़ने की बात कही जा रही है. एजेंसी के अनुसार ऊना जिले में मौसम बदलाव के चलते आलू की पैदावार में 30 फीसदी की गिरावट आई है. किसानों का कहना है कि इस साल ऊना जिले में गेहूं और मक्का के बाद आलू तीसरी मुख्य फसल है और इसे किसानों की आर्थिकी में बड़ा सहारा माना जाता है.§֍:हिमाचली आलू में 30 फीसदी गिरावट§ֆ:हिमाचल में आलू की खेती में करीब 30 फीसदी की गिरावट से इस साल उत्पादन प्रभावित हुआ है. राज्य के ऊना जिले में सालाना करीब 20,000-25,000 टन आलू का उत्पादन होता है. किसानों का कहना है कि कई खेतों में फसल उत्पादन घटकर एक से दो क्विंटल प्रति कनाल रह गया है, जबकि सामान्य तौर पर प्रति कनाल 7-8 क्विंटल उत्पादन होता है.§दिल्ली-एनसीआर में आलू की डिमांड को पूरा करने के लिए हिमाचल प्रदेश के जिलों से निर्यात होता है. लेकिन इन जिलों में उत्पादन में गिरावट आ रही है, जिस कारण कीमतों में उछाल की संभावना है. राज्य में पहले से ही आलू 40 फीसदी की उछाल पर बिक रहे हैं. ऐसे में लोगों के किचन का बजट हिल सकता है, क्योंकि आलू हर रसोई में इस्तेमाल होने वाली सब्जियों में से एक है. दिल्ली के थोक बाजार में भी आलू का दाम तेजी से बढ़ रहा है.

