֍:चावल के नमूने हुए फेल §ֆ:कर्नाटक के हुबली और अरुणाचल प्रदेश के बांदरदेवा में चावल के नमूने फेल होने के बाद मिल मालिकों से चावल के सैंपल बदलने को कहा गया है. इसके बाद मिल मालिकों ने कहा कि वे राज्य सरकार के दबाव में नहीं आएंगे और नए धान की उपज उठाएंगे. वो ऐसे धान होंगे जिनकी क्वालिटी और नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से कम है.
§֍:मिलर्स नहीं खरीदेंगे नमी वाले धान§ֆ:‘दि ट्रिब्यून’ के मुताबिक, पंजाब राइस इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण बिंटा ने कहा कि जो धान क्वालिटी वाले मानदंडों पर खरा नहीं उतरेगा, उसे मिलर्स नहीं लेंगे. उन्होंने कहा कि इस साल नमी की मात्रा अधिक होने के कारण करीब 30-35 लाख मीट्रिक टन धान बिना बिके रह जाएगा. आज तक खरीदे गए 119.70 लाख मीट्रिक टन धान में से केवल 60 प्रतिशत (71.90 लाख मीट्रिक टन) का ही उठाव हुआ है. इसके अलावा आज के दिन यानी गुरुवार तक 4.98 लाख मीट्रिक टन धान नहीं बिका है.
§֍:मिल मालिकों का प्रशासन पर आरोप§ֆ:मिल मालिकों ने राज्य सरकार पर पुलिस बल का इस्तेमाल करने और धान न उठाने पर उनके खिलाफ पुराने मामले फिर से खोलने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है. यहां तक कि फरीदकोट जिले में मिल मालिकों को धान लेने के लिए मजबूर करने वाला पुलिस बुलाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
§पंजाब में धान खरीद पर फिर से खतरा मंडराने लगा है. दरअसल, पंजाब से कई राज्यों को भेजे गए चावल के नमूनों को खारिज किए जाने से चावल मिल मालिकों में इस साल धान की मिलिंग को लेकर भय का माहौल पैदा हो गया है. इससे एक बार फिर खरीद प्रभावित हो रही है. निर्धारित सीमा से अधिक नमी होने के बावजूद राज्य सरकार द्वारा मंडियों से धान उठाने के लिए मजबूर किए जाने पर मिल मालिकों ने कहा है कि वे नमी वाला धान नहीं खरीदेंगे.

