India continues to use more cash today than 8 years ago when demonetisation was implemented.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 8, 2024
DeMo paved the way for monopolies by devastating MSMEs and the informal sector.
Incompetent and ill-intended policies that create an environment of fear for businesses will stifle… pic.twitter.com/0uJX9aQPjb
उन्होंने X पर लिखी अपनी एक पोस्ट में दर्ज किया, ‘विशेषज्ञों का मानना है कि नोटबंदी से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) और अनौपचारिक क्षेत्र पर गहरा प्रभाव पड़ा है. इसकी वजह से बाजार में कई बड़े व्यवसायों और एकाधिकार की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसने छोटे उद्योगों को नुकसान पहुंचाया है.
§֍:’कमजोर हो रही है देश की आर्थिक क्षमता’§ֆ:अर्थ जगत के जानकारों के मुताबिक, देश में गलत नीतियों के कारण व्यापार जगत के लिए डर का माहौल बना हुआ है. इससे देश की आर्थिक क्षमता कमजोर हो रही है. भारत की आर्थिक प्रगति के लिए ऐसी नई नीति की जरूरत है जो निष्पक्षता और स्वतंत्रता को बढ़ावा दे और छोटे व ईमानदार व्यवसायों को आगे बढ़ने का अवसर दे.’
§सदन में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने नोटबंदी के आठ साल होने पर एक बार फिर इसे लेकर केंद्र सरकार को घेरा है. राहुल गांधी ने नोटबंदी पर सवाल उठाते हुए कहा, नोटबंदी के बाद भी आज भारत में नकदी का उपयोग पहले से अधिक है. नोटबंदी का उद्देश्य नकदी पर निर्भरता को कम करना और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना था, लेकिन इसका अपेक्षित असर नजर नहीं आता.

