֍:आएंगे करोड़ों श्रद्धालु§ֆ:उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अनुसार गंगा नदी किनारे 4,000 हेक्टेयर में हो रहे महाकुंभ में करीब 40-45 करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. इस आयोजन का अनुमानित बजट करीब 6,382 करोड़ रुपये है, जिसमें से 5,600 करोड़ रुपये से ज्यादा पहले ही आयोजन और संबंधित परियोजनाओं के लिए अलग रखे जा चुके हैं. समाजवादी पार्टी सरकार के शासनकाल में 2012 में हुए कार्यक्रम बजट 1,152 करोड़ रुपये था, जिसमें करीब 12 करोड़ लोग शामिल हुए थे. §֍:महाकुंभ के लिए शुरु हुई तैयारियां§ֆ:उत्तर प्रदेश जल निगम मेला क्षेत्रों में पीने योग्य पानी की आपूर्ति के लिए 1,249 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाएगा, इसके अलावा 200 वाटर एटीएम और 85 वाटर पंप लगाया जाएगा. वहीं, राज्य सड़क विभाग प्रयागराज से जुड़ने वाले तमाम राजमार्गों पर 7,000 बसें चलाई जाएंगी. प्रयागराज से मेले वाली जगह तक करीब 550 शटल बसें भी चलाई जाएंगी. प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने 15 लाख वर्ग फीट में फैली सार्वजनिक दीवारों और इमारतों पर चित्र बनाने के लिए आठ अलग-अलग एजेंसियों को हायर किया है.§֍:भारतीय रेलवे भी तैयार§ֆ:भारतीय रेलवे भी महाकुंभ की तैयारियों में जुट गया है. ट्रेन सफर को और ज्यादा बेहतर बनाने के मकसद से एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, प्रयागराज रेलवे डिवीजन प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर होने वाले ऐलानों को कई भाषाओं मे शुरू करने जा रहा है. इससे पूरे हिंदुस्तान से आने वाले अलग-अलग भाषाओं वाले यात्रियों को अपनी मातृभाषा में ट्रेन से संबंधित जानकारी मिलेगी, जिससे उनका सफर का एक्सपीरिएंस बेहतर होगा और जानकारी समझ में आएगी. करोड़ों लोगों के इस मेले में करीब 45,000 परिवारों को रोजगार मिलेगा. इसके अलावा, इससे न केवल प्रयागराज बल्कि बनारस, अयोध्या, मथुरा और विंध्यवासिनी धाम में भी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.§֍:सीएम योगी ने दिए निर्देश§ֆ:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि इन स्थानों पर सुविधाओं और सुरक्षा उपायों की लगातार समीक्षा की जाए और उन्हें बेहतर बनाया जाए, जिससे राज्य को इस आयोजन से फायदा मिल सके और श्रद्धालु अच्छा एक्सीरिएंस लेकर जा सकें. समीक्षा बैठक में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महाकुंभ सूबे के लिए एक बड़ा मौका है.§֍:गूगल करेगा श्रद्धालुओं को नेवीगेट§ֆ:इस बार के महाकुंभ के लिए जोरो-शोरों से तैयारियां जारी हैं. शासन, प्रशासन के साथ गूगल कंपनी भी इसमें भाग लेने वाली है. बता दें कि यह पहला महाकुंभ भी होगा, जिसमें नेविगेशन के लिए अस्थायी टेंट सिटी गूगल मैप्स पर दिखाई देगी. हाल ही में गूगल के प्रतिनिधियों और महाकुंभ मेला प्राधिकरण के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं.§ֆ:The Week की रिपोर्ट के मुताबिक, कुंभ मेला के एडीएम विवेक चतुर्वेदी ने कहा, “यह पहली बार है जब गूगल ने अस्थायी ढांचे के लिए नेविगेशन की अनुमति दी है.” यह मैप यूजर्स को पूरे मेला कैंपस में जगहों, अखाड़ों, शिविरों और मंदिरों के जरिए नेविगेट करने की अनुमति देगा.§उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा नदी के किनारे प्रति 12 वर्षों में महाकुंभ मेले का आयोजन होता है. इस दौरान लाखों नहीं बल्कि करोड़ों की संख्या में यहां श्रद्धालु मौजूद होते हैं. इस बार महाकुंभ मेला 2025 में होने जा रहा है. यह जश्न पूरे 45 दिन का होगा, जो 14 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगा. यह साल 2012 में हुए महाकुंभ से करीब तीन गुना बड़ा होने वाला है. राज्य सरकार ने 15 से ज्यादा विभागों को तैयारी के प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी सौंपी है. तैयारी में 500 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स पूरा करने का टारगेट रखा गया है.

