֍:किसान नेताओं का दावा§ֆ:नेताओं ने दावा किया कि बीजेपी नेताओं ने विधानसभा चुनाव के दौरान वादा किया था कि उनकी सरकार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदेगी, लेकिन खरीद सही ढंग से नहीं की जा रही है. एसकेएम नेताओं ने आरोप लगाया कि धान की उठान बहुत धीमी है, जिससे किसानों को परेशानी हो रही है, जबकि डीएपी की भी कमी है. किसानों ने कहा कि वे ट्रेड यूनियनों और कृषि मजदूरों के साथ 26 नवंबर को राष्ट्रीय स्तर पर चेतावनी दिवस मनाएंगे. यह दिवस दिल्ली के बॉर्डर पर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन की चौथी वर्षगांठ पर मनाया जाएगा. §֍:SKM ने दी जानकारी§ֆ:संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि एमएसपी पर सभी फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी सहित उनकी मुख्य मांगों को लागू करवाने में दबाव बनाने के लिए 26 नवंबर को जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा. प्रदर्शन को संबोधित करने वालों में दर्शन पाल, रतन मान, सुरेश कोथ, जोगेंदर नैन, मंदीप नाथवान और सुखदेव जम्मू प्रमुख रूप से शामिल थे.§हरियाणा में काफी दिनों से खरीफ फसलों की खरीद जारी है. इसकी धीमी गति की वजह से किसान काफी नराज नजर आ रहे हैं. लिहाजा, संयुक्त किसान मोर्चा ने मुद्दों को लेकर विरोध किया. उन्होंने हरिया के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्थानीय आवास की ओर मोर्चा निकालने की कोशिश की. मगर पुलिस ने उन्हें रोक दिया. जिसके बाद सड़क पर ही विरोध प्रदर्शन शुरु हो गया. एसकेएम द्वारा एक बयान में कहा गया कि कई किसान संगठनों स आई पंचायत को सीनीयर एसकेएम नेताएओं ने संबोधझित किया. इन नेताओं ने हरियाणा में भाजपा सरकार पर कृषि क्षेत्र और किसानों के प्रति उसके “खराब रवैये” के लिए निशाना साधा.

