֍:50-60 के भाव मिल रहा प्याज§ֆ:मंगलवार तक उत्तर भारत की एक और मंडी दिल्ली में प्याज पहुंचना शुरू हो जाएगा. एनसीसीएफ और नैफेड जैसी सहकारी समितियों ने बाजार में हस्तक्षेप करते हुए प्याज का स्टॉक भेजा, ताकि कीमतों को कम किया जा सके और बाजार में इसका असर भी देखने को मिला. हालांकि, खुले बाजार में प्याज अभी भी पचास से साठ रुपये प्रति किलोग्राम के भाव मिल रहा है. एनसीसीएफ की मोबाइल वैन 25 रुपये प्रति किलोग्राम के रेट से प्याज की बिक्री कर रही है. एनसीसीएफ के पास अभी भी 50 से 60,000 मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध है.
§֍:जानें कैसे होगी दामों में कमी §ֆ:पिछले साल एनसीसीएफ ने 2.90 मीट्रिक टन प्याज खरीदा था. वहीं, इस साल अभी प्याज खरीदी का लक्ष्य तय नहीं किया गया है. समिति के चेयरमैन विशाल सिंह का कहना है कि सरकार जब भी प्याज खरीदी के लिए कहेगी तो वे इसके लिए तैयार हैं. सब्जियों के अलावा दालों की कीमत भी अभी काफी बढ़ी हुई हैं. यही वजह है कि सरकार दालों की कीमतों में कमी लाने के साथ-साथ दालों के आयात पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य बना रही है.
§देशभर में पिछले कुछ महीनों से प्याज की कीमतें बढ़ी हुई हैं. इस बीच, एक राहत भरी खबर सामने आई है. राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) के चेयरमैन विशाल सिंह ने प्याज की कीमत 8 नवंबर तक कम होने की संभावना जताई है. राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ के अध्यक्ष ने इंडिया टुडे से कहा कि पहले प्याज की फसल पर मौसम की मार, फिर त्योहारी सीजन के कारण मजदूरों की कमी के बाद अब हालात सामान्य होने के आसार हैं. नासिक, मंडी में लाल प्याज पहुंचना शुरू हो गया है. वहीं, अलवर से प्याज की नई फसल आठ नवंबर तक दिल्ली, हरियाणा और पंजाब तक पहुंच जाएगी, जिस कारण से बाजार में प्याज के दाम घटेंगे.

