֍:जिलाधिकारी ने दी जानकारी§ֆ:जिलाधिकारी राजीव रौशन ने बताया कि मगरमच्छ की मौजूदगी की सूचना मिलने पर वन विभाग से मदद मांगी गई है. वन विभाग की टीम लगातार मगरमच्छ को पकड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है. इस बीच, जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिए नदी के घाटों पर लोहे की जाली लगवाने का निर्णय लिया है ताकि छठव्रती सुरक्षित रह सकें. मगरमच्छ की लंबाई 12 से 13 फीट बताई जा रही है. छठ पर्व मनाने वाले लोग काफी डरे हुए हैं. नदी में तैरते हुए मगरमच्छ का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. §֍:घाटों पर कराएं सुरक्षा के इंतेजाम§ֆ:वन प्रमंडल पदाधिकारी भास्कर चंद्र भारती ने कहा कि उनकी टीम पिछले तीन दिनों से मगरमच्छ की खोज में जुटी है. छठ पूजा के दौरान घाटों पर पूरी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं. नदी में नाव से गश्त भी जारी रहेगी ताकि किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वो शोरगुल से मगरमच्छ को दूर भगा सकते हैं, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है. §बिहार में छठ पूजा के पर्व को काफी महत्व दिया जाता है. इसके चलते दरभंगा के हायाघाट थाना क्षेत्र के थलवाड़ा गांव में बहने वाली नदी में एक विशाल मगरमच्छ देखने मिला. जिसके बाद से इलाके में दहशत फैल गई है. छठ र्व को देखते हुए प्रशासन ने जल्द से जल्द कार्रवाई करते हुए इंतेजाम शुरु कर दिए. छठ पर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोग नदी में डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए पानी में उतरते हैं. ऐसे में मगरमच्छ की उपस्थिति से खतरे की संभावना बढ़ गई है. जिसकी वजह से लोगों में खौफ का माहौल है.

